भारतीय बाजार में बिक रहे ई सिगरेट पर चीन और जापान हावी हैं। दोनों देशों से भारी मात्रा में ई सिगरेट भारत भेजा जा रहा है। बड़ी बात यह कि अभी तक इसकी मॉनिटरिंग को लेकर भारत सरकार के पास कोई विकल्प नहीं है। खुद तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी भी इस कारोबार को रोक पाने में असमर्थ हैं।
उधर, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक डा. एसके अरोड़ा का कहना है कि दिल्ली में ई सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगा है। लेकिन बाहरी देशों से माल आना जरूर बंद करवा दिया गया है। ताकि एक समय बाद माल खुद ब खुद दुकानों से खत्म हो जाए। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
आमदनी का नहीं है हिसाब
ई सिगरेट के बिजनेस का दिल्ली सहित पूरे देश में आमदनी का कोई हिसाब नहीं है। अनुमान है कि करोड़ों रुपये का बिजनेस है। आमतौर पर एक सिगरेट 150 से 200 रुपये में मिलती है। सूत्र बताते हैं कि चीन और जापान से हुक्का, ई सिगरेट लगातार भारत भेजी जा रही हैं।
दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे मेट्रो शहर इस कारोबार के मुख्य बिंदु हैं। यहीं से पूरे देश में माल सप्लाई होता है। लेकिन दिल्ली में ई सिगरेट का माल जब्त होने के बाद कारोबारियों ने मुंबई और चेन्नई की तरफ रुख कर लिया है। हालांकि सूत्र यह भी बता रहे हैं कि दिल्ली में सड़क मार्ग के जरिये माल अभी भी पहुंच रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सहित पूरे देश में चीन और जापान से ई सिगरेट का माल आता है। यहां से पंजाब, हरियाणा, यूपी और मध्यप्रदेश तक भेजा जाता है। चूंकि ई सिगरेट पर प्रतिबंध को लेकर केंद्र सरकार की ओर से नियम नहीं है। यही कारण है कि इसका बिजनेस बढ़ता जा रहा है।