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नोटबंदी के बाद 63 फीसदी बढ़ी क्रेडिट कार्ड की संख्या

Thu, 18 Apr 2019 02:37 AM IST
गौरव द्विवेदी बिजनेस न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
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क्रेडिट कार्ड (फाइल फोटो)
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भारतीय अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाने के लिए नवंबर, 2016 में की गई नोटबंदी के घोषणा के बाद से लेकर अब तक क्रेडिट कार्ड की संख्या में 62.54 फीसदी का इजाफा हुआ है। बीते सवा दो साल में यानी फरवरी, 2019 तक क्रेडिट कार्ड की संख्या 1.77 करोड़ बढ़कर 4.60 करोड़ हो गई है। बैंकिंग क्षेत्र के नियामक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर, 2016 तक देश के सभी बैंकों ने 2.83 करोड़ क्रेडिट कार्ड जारी किया था। 

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वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि नोटबंदी की घोषणा के बाद से विभिन्न बैंकों को अपने-अपने क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ाने का अवसर दिखा और उन्होंने इसकी संख्या बढ़ाने को सार्थक प्रयास भी किए। अधिकारी के मुताबिक, क्रेडिट कार्डधारकों की ज्यादा संख्या न सिर्फ मजबूत अर्थव्यवस्था का द्योतक है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि कैशलेस ट्रांजेक्शन की तरफ लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। खास कर भारत जैसे देश में, जहां नकदी को सबसे ज्यादा तवज्जो मिलती रही है।

क्रेडिट कार्ड जारी करने में एचडीएफसी नंबर-1

देश में क्रेडिट जारी करने में निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक पहले स्थान पर है। फरवरी, 2019 तक उसके क्रेडिट कार्डधारकों की संख्या 1,24,89,925 रही। इस मामले में सरकारी क्षेत्र का भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) दूसरे स्थान पर है। इस अवधि तक उसके पास 79,98,808 क्रेडिट कार्डधारक थे। 64,28,389 क्रेडिट कार्डधारकों की संख्या के साथ आईसीआईसीआई बैंक तीसरे स्थान पर है, जबकि 57,13,303 क्रेडिट कार्डधारकों के साथ एक्सिस बैंक चौथे स्थान पर है।
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नई पीढ़ी को भाता है क्रेडिट कार्ड

एसबीआई में क्रेडिट कार्ड का कारोबार देखने वाले एक अवकाश प्राप्त महाप्रबंधक का कहना है कि नई पीढ़ी में क्रेडिट कार्ड को ज्यादा पसंद किया जाता है। लेकिन इसके इस्तेमाल को लेकर हमेशा सजग रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि क्रेडिट कार्ड का यदि सही उपयोग किया जाए तो इससे बेहतर आर्थिक सहायक कोई नहीं हैै। लेकिन यदि समय पर इसका भुगतान नहीं करने पर सालाना 60 फीसदी तक ब्याज भरना पड़ता है।

बैंकों के लिए आय का बेहतर जरिया

दरअसल, क्रेडिट कार्ड पेमेंट के भुगतान में देरी पर लगने वाली भारी ब्याज की दर बैंकों को भी आकर्षित करती है। यदि कोई निर्धारित समय तक बिल नहीं चुकाता है तो वह बैंक को लेट पेमेंट चार्ज और पेनाल्टी भी चुकाता है, जो बैंकों के लिए लाभप्रद है। इसलिए बैंक धुंआधार तरीके से मार्केटिंग कर क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे हैं। कई बैंक तो क्रेडिट कार्ड लेने वालों को कई ऑफर भी देते हैं।

आसानी से मिलता है लोन

अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले सुनील कुमार तिवारी का कहना है कि क्रेडिट कार्ड होने से ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदारी करने पर आसानी से ईएमआई की सुविधा भी मिल जाती है। यही नहीं, कई बार जीरो ब्याज दर भी ईएमआई ऑफर किया जाता है। ऐसे में हर प्रोफेशनल कम-से-कम एक क्रेडिट कार्ड जरूर रखना चाहिए। समय पर भुगतान से सिविल भी अच्छा रहता है और आसानी से लोन भी मिल जाता है। 

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