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BSE और NSE से डिलिस्टिंग के लिए वेदांता को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

Tue, 29 Sep 2020 02:53 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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वेदांता - फोटो : PTI
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अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के नियंत्रण वाली वेदांता ने मंगलवार को कहा कि उसे खुद को शेयर बाजार से डिलिस्ट यानी अलग करने के लिए बीएसई और एनएसई से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बताया कि अंतिम मंजूरी मिलने के बाद वेदांता की मूल कंपनी वेदांता रिसोर्स लिमिटेड (वीआरएल) और उसकी सहायक कंपनियां डिलिस्टिंग पेशकश के बारे में सार्वजनिक घोषणा करेंगी। 

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वेदांता ने शेयर बाजार को बताया कि, 'बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने अपने 28 सितंबर 2020 के पत्र में डिलिस्टिंग पेशकश को सैद्धांन्तिक मंजूरी दी है।' वेदांता रिसोर्सेज और इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अप्रत्यक्ष सहायक कंपनियां - वेदांता होल्डिंग्स मॉरीशस और वेदांता होल्डिंग्स मॉरीशस II ने भी मंगलवार को इस पेशकश के संबंध में घोषणा की।

मालूम हो कि विविध प्राकृतिक संसाधन क्षेत्रों में कारोबार करने वाली वेदांता को वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में 12,521 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ था। तेल एवं गैस, तांबा तथा लौह अयस्क कारोबार की संपत्तियों का मूल्य घटने से कंपनी को तिमाही के दौरान 17,132 करोड़ रुपये का अनुमान से अधिक नुकसान हुआ।
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इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 2,615 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। बीएसई को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा था कि तिमाही के दौरान उसकी एकीकृत आय घटकर 20,382 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 25,096 करोड़ रुपये रही थी। 

वेदांता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने बयान मे कहा था कि, 'कोविड-19 महामारी ने दुनिया और हमें पिछले साल की तीसरी तिमाही में प्रभावित किया है। इस कठिन समय में महत्तम परिचालन सुनिश्चित करते हुए हमने अपनी संपत्तियों और लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है।'

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