कर्ज में डूबी कॉफी डे इंटरप्राइजेज लिमिटेड (सीडीईएल) ने कहा कि वह निरंतर विभिन्न अवसरों को तलाशती और आकलन करती रहती है लेकिन वेंडिंग मशीन कारोबार बेचने को लेकर टाटा समूह की कंपनी के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। कंपनी के अपना वेंडिंग मशीन कारोबार टाटा समूह की कंपनी टीसीपीएल को बेचे जाने को लेकर बातचीत की रिपोर्ट के बीच यह बात कही गई है।
सीडीईएल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीसीपीएल) के साथ इस संदर्भ में ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही है। इस बीच, टीसीपीएल ने भी सीडीईएल के साथ बातचीत की पुष्टि या इनकार किए बिना कहा कि कंपनी विभिन्न कारोबारी अवसरों में संभावना टटोलती रहती है और यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
सीडीईएल ने कहा कि जारी पुनर्गठन कदम के तहत किसी भी कंपनी के ऐसे प्रस्ताव हमेशा व्यवहार्यता अध्ययन पर निर्भर होते हैं और जरूरी मंजूरी की आवश्यकता होती है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि, 'कई बातचीत चलती रहती है। उनमें से कोई भी तार्किक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। किसी चीज पर अटकलें लगाना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।'
उसने कहा कि अगर कोई सौदा होता है तो उससे सीडीईएल को राहत ही मिलेगी। कंपनी के संस्थापक चेयरमैन वी जी सिद्धार्थ के निधन के बाद उस पर कर्ज लौटाने का दबाव है।
अप्रैल से जून के बीच सीसीडी ने बंद किए 280 रेस्टोरेंट
सीसीडी ने आमदनी और खर्च की संभावनाओं का हिसाब लगाते हुए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 280 रेस्टोरेंट बंद किए हैं। इससे उसके रेस्टोरेंट घट कर 30 जून 2020 को 1,480 रह गए थे। कैफे कॉफी डे ब्रांड का स्वामित्व कॉफी डे ग्लोबल के पास है, जो कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (सीडीईएल) की सहायक कंपनी है। कंपनी ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि उसके कैफे की औसत दैनिक ब्रिकी भी अप्रैल-जून तिमाही के दौरान घटकर 15,445 रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 15,739 रुपये थी।