नए प्रस्ताव के मुताबिक अब वीजा आवेदकों को आवेदन के वक्त पिछले पांच साल के दौरान प्रयोग किए गए मोबाइल नंबर, ई-मेल और सोशल मीडिया के बारे में जानकारी देगी होगी। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि इससे करीब 7 लाख इमिग्रेंट और 1.40 करोड़ नॉन इमिग्रेंट वीजा आवेदकों पर असर पड़ेगा।
पूछे गए हैं यह सवाल
नए नियमों के मुताबिक आवेदकों से पहले की गई विदेश यात्रा की संख्या, किसी देश से निकाला गया या नहीं और परिवार के सदस्यों का किसी आतंकी गतिविधि में शामिल होने के बारे में भी पूछा गया है।
लगी है अस्थाई रोक
यूएससीआईएस का कहना है कि प्रीमियम प्रोसेसिंग पर अस्थाई तौर पर रोक लगाई तो गई है, लेकिन अगर कोई आवेदक मानदंड पूरा करता हो, तो वह वित्त वर्ष 2019 के लिए आवेदन प्रक्रिया तेज करने का आग्रह कर सकता है।
एजेंसी ने कहा कि प्रीमियम प्रोसेसिंग पर अस्थाई रोक से एच1बी प्रोसेसिंग का कुल समय कम करने में मदद मिलेगी। यूएससीआइएस ने कहा कि इस समय के दौरान वह उन एच1बी आवेदनों के प्रीमियम प्रोसेसिंग का अनुरोध स्वीकार करना जारी रखेगा जो वित्त वर्ष 2019 की सीमा के अधीन नहीं हैं।