मेक्का शुरू करने के कुछ साल बाद ही ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की कीमत गिर गई जिसकी वजह से विदेशी कंपनियों के सामान खरीदना और भी महंगा हो गया। इसका सीधा नुकसान जो को हुआ, "वो बहुत मुश्किल दौर था क्योंकि आप खुद दोगुनी कीमत देकर सामान खरीदते हैं लेकिन अपने ग्राहक से नहीं कह सकते कि माफ कीजिए, हमें इस सामान की कीमत बढ़ानी पड़ेगी।"
इसे एक बड़ी सीख बताते हुए जो कहती हैं कि "मुड़कर देखूं तो ये एक तोहफे के समान था। इससे मेरे दिमाग को अविश्वसनीय धार मिली। मुझे पता चला कि अपने बिजनेस को जारी रखने के लिए मुझे कौन से बदलाव करने होंगे।" जो ने तकरीबन डेढ़ दशक तक बाजार पर एकछत्र राज किया, लेकिन 2014 में सेफोरा के ऑस्ट्रेलिया आने के साथ ही उनके सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।
सेफोरा फ्रांस के बहुत बडे़ व्यापारिक समूह LVMH (लुई विताँ, मोवेत एनेसी) का स्टोर है जिस पर कई बड़ी कंपनियों के मेकअप और ब्यूटी प्रॉडक्ट मिलते हैं। ऑस्ट्रेलिया में सेफोरा के 13 स्टोर हैं।
लेकिन जो को इससे डर नहीं लगता है। उनका कहना है कि "हमारा मकसद मुकाबले में ज्यादा देर तक टिके रहने और उन्हें मात देने का है।" 2001 में ही इंटरनेट पर आ चुकी उनकी कंपनी मेक्का को जल्दी शुरुआत करने का फायदा भी मिलता है। मेक्का की वेबसाइट को हर महीने 90 लाख बार देखा जाता है। इसके अलावा वे फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी प्रचार करते हैं।
जो होरगन के मुताबिक कॉम्पिटीशन को मात देने के लिए उनकी सबसे पहली नीति अपनी ग्राहक सेवा को बेहतर करना है। इसके लिए कंपनी अपने टर्नओवर का तीन फीसदी अपने 2500 से ज्यादा कर्मचारियों की ट्रेनिंग में खर्च करती है।
पति के साथ मिलकर संभालती हैं कंपनी
जो के पति पीटर वेटनहॉल भी उनके काम में हाथ बंटाते हैं। वे 2005 में कंपनी के को-चीफ एग्जिक्यूटिव बने। जो और पीटर की मुलाकात हार्वर्ड में पढ़ने के दौरान हुई। उनके दो बच्चे हैं। जो के मुताबिक वे खुद को और अपने पति को को-सीईओ के तौर पर देखती हैं क्योंकि वे दोनों कंपनी में अपने-अपने तरीके से योगदान करते हैं।
वे पूरी साफगोई से बताती हैं कि "मैं बहुत अच्छी बॉस नहीं हूं। मुझे मालूम है कि ऐसे कई काम हैं जो मैं अच्छे से नहीं कर पाती।" तो फिर वे यहां तक कैसे पहुंचीं? जो का कहना है कि "मैं उन क्षेत्रों के जानकारों को भर्ती करती हूं और उन्हें भी उसी तरह आगे बढ़ने का मौका देती हूं जैसे मैंने सीखा।"