पीएसी ने एयर इंडिया की कार्यकुशलता पर इसलिए जांच की है, क्योंकि सरकार इसमें अपनी 76 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने जा रही है। ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और संस्कृति पर बनी इस कमेटी के अध्यक्ष तृणमूल कांग्रेस के सासंद डेरेक ओ ब्रायन हैं, जिन्होंने सरकार के इस कदम का विरोध किया था, लेकिन एनडीए के सांसदों ने इस विरोध को खारिज कर दिया था।
पहले भेजा जाता था विमानों को विदेश
पहले खराब हुए विमानों के इंजन को ठीक करने के लिए विदेश में भेजा जाता था। लेकिन इनकी रिपेयरिंग की व्यवस्था देश में ही की गई थी। एयर इंडिया फिलहाल अपने सप्लायर्स से बात कर रही है, जिससे वो कंपनी के क्रेडिट होल्ड को हटा दे और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई करती रहे, जिससे विमानों के परिचालन में किसी तरह की कोई दिक्कत न सामने आए।
दो महीने से खड़े हैं लीज पर लिए विमान
एयर इंडिया ने जिन विमानों को लीज पर ले रखा है वो करीब दो महीने से देश के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर खड़े हैं, क्योंकि कई जरूरी बिंदुओं पर बात होनी बाकी है। एयर इंडिया पर फिलहाल 48876 करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि इसके ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सुधार हो चुका है।