सुप्रीम कोर्ट अडाणी पावर (Adani Power) और गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) मामले में 2019 में दिए अपने फैसले पर फिर से विचार करेगा। इस मामले में जीयूवीएनएल ने क्यूरेटिव पिटीशन (Curative petition) दायर की थी। चीफ जस्टिस एन वी रमन की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ मामले पर सुनावाई करने के लिए तैयार हो गई है।
दो साल पहले सुनाया गया था फैसला
दो साल पहले इस मामले में बिजली खरीदने के एग्रीमेंट को रद्द करने के अडाणी पावर के फैसले को सही ठहराया गया था। मालूम हो कि क्यूरेटिव पिटीशन किसी मामले में सुनावाई की गुजारिश के लिए आखिरी रास्ता होता है और उच्चतम न्यायालय के पुनर्विचार याचिका को खारिज कर देने के बाद ही इसे दाखिल किया जाता है।
30 सितंबर को होगी सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। इसका असर अडाणी पावर के शेयरों पर पड़ने का अनुमान है। दरअसल यह मामला साल 2010 का है। गुजरात इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (GERC) द्वारा अडाणी पावर पर जीयूवीएनएल से हुए पावर पर्चेज एग्रीमेंट (PPA) को गलत तरीके से रद्द करने का आरोप लगाया गया था। अपीलीय ट्राइब्यूनल ने जीईआरसी के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद अडाणी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अडाणी के पक्ष में फैसला सुनाया था।
क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पीपीए रद्द करने का अडाणी पावर का फैसला सही है। ऐसा इसलिए क्योंकि उसे जीएमडीसी के नैनी ब्लॉक से समय पर कोयले की सप्लाई नहीं मिली थी। साथ ही कोर्ट ने अडाणी को नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे का दावा करने के लिए भी अनुमति दी थी।
इससे अडाणी पावर के शेयर प्रभावित हो सकते हैं। शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर 1.11 फीसदी ऊपर 99.85 पर बंद हुआ। मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 38,511.54 करोड़ रुपये है।