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टाटा संस-मिस्त्री विवादः NCLAT गया कॉर्पोरेट मंत्रालय, आदेश से 'गैर-कानूनी' शब्द हटाने की अपील की

Mon, 23 Dec 2019 02:25 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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टाटा संस-साइरस मिस्त्री विवाद में केंद्र सरकार के कंपनी मामलों के मंत्रालय ने राष्ट्रीय कंपनी विधिक अपीलीय प्राधिकरण (एनसीएलएटी) से अपने आदेश में गैर-कानूनी शब्द हटाने की अपील की है। इसके लिए मंत्रालय ने याचिका दायर की है। प्राधिकरण ने टाटा संस को पब्लिक से निजी कंपनी में बदलने के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी (आरओसी) की मंजूरी के फैसले को भी गैर-कानूनी बताया था।
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एनसीएलएटी अब इस मामले पर आगामी 2 जनवरी 2020 को सुनवाई करेगी। एनसीएलएटी में दायर की गई याचिका में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने कहा है कि वो चाहती है कि प्राधिकरण आदेश के पैराग्रॉफ में संशोधन करे। यह आदेश 18 दिसंबर 2019 को सुनाया गया थ। आरओसी ने कहा कि उसके मुंबई कार्यालय ने कंपनीज एक्ट के प्रावधानों के तहत ही टाटा संस को पब्लिक कंपनी से निजी कंपनी में बदलने का फैसला दिया था। 

पक्षकार बनने से किया मना

आरओसी ने अपील में कहा है कि उसको इस विवादित केस में पार्टी न माना जाए। एनसीएलएटी ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज को भी इस केस में पार्टी बनाया था। आरओसी ने कहा है कि वो इस विवाद में कहीं से भी शामिल नहीं है। यह विवाद केवल टाटा संस और साइरस मिस्त्री के बीच है। 

साइरस मिस्त्री परिवार ने किया था विरोध 

बता दें सितंबर 2017 में टाटा संस को पब्लिक से प्राइवेट कंपनी बनाने के लिए शेयरधारकों ने मंजूरी दी थी। उसके बाद आरओसी ने टाटा संस को निजी कंपनी के तौर पर दर्ज किया था। सायरस मिस्त्री परिवार इसके खिलाफ था। क्योंकि निजी कंपनी होने से वे अपने शेयर बाहरी लोगों को नहीं बेच सकते, बल्कि टाटा को ही बेचने पड़ेंगे। जबकि, पब्लिक लिमिटेड कंपनी के शेयरधारक किसी को भी अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। 
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