ओला ने कहा कि टेमासेक, वारबर्ग पिंकस से जुड़ी प्लम वुड इंवेस्टमेंट और ओला के संस्थापक भाविश अग्रवाल ने कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ से पहले उसमें 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 3,733 करोड़ रुपये) का निवेश किया है। ओला ने एक बयान में कहा कि इन फंडों द्वारा भारतीय उपभोक्ता इंटरनेट क्षेत्र में यह सबसे बड़ा निवेश है।
विभिन्न श्रेणियों और भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार कर रही कंपनी
ओला अपने राइड-हेलिंग व्यवसाय का विभिन्न श्रेणियों और भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार कर रही है। इस संदर्भ में कंपनी के चेयरमैन और समूह सीईओ भाविश अग्रवाल ने कहा कि, 'पिछले 12 महीनों में हमने अपने राइड-हेलिंग व्यवसाय को और अधिक मजबूत, लचीला और कुशल बनाया है।'
प्रस्तावित आईपीओ के लिए कोई समयसीमा नहीं
राइड-हेलिंग व्यवसाय के तहत ऑनलाइन या एप्लिकेशन आधारित मंचों के जरिए उपयोगकर्ता निजी गाड़ी या ड्राइवर किराए पर ले सकते हैं। अग्रवाल ने कहा कि वह विकास के अगले चरण में नए भागीदारों को साथ लेने के लिए तत्पर हैं। कंपनी ने हालांकि अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई। मालूम हो कि देश के बहुत से ऑनलाइन स्टार्टअप्स अपना आईपीओ लाकर फंड जुटाने की योजना बना रही हैं। इनमें जोमैटो, पॉलिसीबाजार और नायका भी शामिल हैं।
ओला इलेक्ट्रिक ने बीओबी के साथ किया समझौता
मालूम हो कि ओला इलेक्ट्रिक ने सोमवार को कहा कि उसने 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 744.5 करोड़ रुपये) जुटाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) के साथ 10 साल की अवधि के लिए ऋण वित्तपोषण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर का 10 साल का कर्ज ओला फ्यूचरफैक्ट्री के पहले चरण के वित्त पोषण के लिए है। फ्यूचरफैक्ट्री इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए ओला का वैश्विक विनिर्माण केंद्र है। ओला ने पिछले साल दिसंबर में कहा था कि वह कारखाने के पहले चरण की स्थापना के लिए 2,400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। ओला फ्यूचरफैक्ट्री की स्थापना तमिलनाडु में 500 एकड़ भूमि पर की जा रही है। इस संयंत्र की क्षमता हर साल एक करोड़ वाहनों के विनिर्माण की है, जो दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया फैक्ट्री होगी।