भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव के चलते चीन की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ने कुछ समय के लिए भारत में निवेश को रोक दिया है। भारत में चीनी निवेश पर सेक्युरिटी जांच हो रही है, जिसके बाद अलीबाबा समूह द्वारा छह महीने तक भारतीय कंपनियों में निवेश को लेकर नए सौदे करने की संभावना नहीं है।
यानी रॉयटर्स की खबर के अनुसार, अलीबाबा भारत में नया निवेश नहीं करेगी। इससे भारतीय कंपनियों को झटका लग सकता है। इस संदर्भ में अलीबाबा की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। मालूम हो कि इस साल का शुरुआत में अलीबाबा की सहायक कंपनी एंट फाइनेंशियल ने जोमैटो में करीब 1,050 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसके बाद जोमैटो का वैल्यूएशन तीन अरब डॉलर यानी करीब 2,100 करोड़ रुपये आंकई गई।
इससे पहले ताइवान ने अलीबाबा समूह से स्थानीय ई-वाणिज्य इकाई ताओबाओ ताइवान में अपनी हिस्सेदारी बेचने को कहा। ताइवान ने आशंका जताते हुए यह आदेश दिया है कि उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी चीन को हस्तातंरित की जा सकती है। ताइवान ने यह आदेश ऐसे समय दिया है, जब चीनी कंपनियों पर अमेरिका और भारत समेत कई देशों में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
पिचबुक के अनुसार, चीनी समूह और उसके सहयोगी अलीबाबा कैपिटल पार्टनर्स और एंट ग्रुप ने 2015 से अब तक भारतीय कंपनियों में करीब दो अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। साथ ही कंपनी ने भारत में अब 1.8 अरब डॉलर की फंडिंग में भागीदारी की है।