मोदी सरकार तेजी से निजीकरण की राह पर बढ़ रही है। सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम के निजीकरण की तैयारियों के बीच केंद्र सरकार ने एक और सरकारी कंपनी में हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है। सरकार जल्द ही एयरोस्पेस व डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की अपनी 15 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है। इससे सरकार को 5,020 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।
बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिए हो सकती है। इसका फ्लोर प्राइस कंपनी के 1,001 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर तय किया गया है। मालूम हो कि बुधवार के कारोबार बंद होने के वक्त 1,177.75 रुपये प्रति शेयर के मुकाबले मौजूदा कीमत 15 फीसदी छूट पर है।
इस संदर्भ में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि ऑफर फॉर सेल 27 और 28 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंज की एक अलग विंडो पर होगा। इसके तहत कंपनी के प्रमोटर एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर अपने शेयर बेचकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को कम करते हैं।
मालूम हो कि सरकार ने 3,34,38,750 इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव किया है। इसमें कंपनी की 10 फीसदी पेड-अप शेयर कैपिटल है, जिसमें पांच फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी या 1,67,19,375 इक्विटी शेयर (ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प) बेचने का भी विकल्प है।
मौजूदा समय में कंपनी में सरकारी की 89.97 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी ने फाइलिंग में कहा कि ऑफर साइज का 20 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए और 25 फीसदी म्यूचुअल फंड के लिए आरक्षित होगा। वहीं खुदरा निवेशकों को कट-ऑफ मूल्य पर पांच फीसदी की छूट पर ऑफर शेयर आवंटित किए जाएंगे।
2019-20 में किया 21,100 करोड़ रुपये का कारोबार
हिंदुस्तान एयरनॉटिक्स ने 31 मार्च 2020 को समाप्त वित्त वर्ष में 21,100 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी का कारोबार 19,705 करोड़ रुपये था। हालांकि कंपनी के यह आंकड़े अस्थायी और गैर-लेखापरीक्षण किए हुए हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा था कि 2019-20 में उसके सूचीबद्ध होने के बाद लगातार दूसरी बार उसके राजस्व में करीब सात फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।
कंपनी ने कहा था कि 2019-20 के दौरान नकदी की कमी, परिचालन में रुकावट और कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद उसका प्रदर्शन बेहतर रहा है। इस दौरान कंपनी ने 31 नए विमानों व हेलीकॉप्टरों और 117 नए इंजनों का निर्माण किया। वहीं 199 विमानों और हेलीकॉप्टरों की ओवरहॉलिंग और 490 इंजनों का रखरखाव किया गया।