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दिलचस्प इतिहास: जानिए कैसे पड़ा विश्व की 15 प्रसिद्ध कार कंपनियों का नाम, क्या है इनका मतलब

Sat, 19 Jun 2021 03:34 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फेरारी, ऑडी और टेस्ला से लेकर मर्सिडीज बेंज तक, हम आपको बताएंगे कि विश्व की 15 प्रसिद्ध कार कंपनियों का नाम कैसे पड़ा और इनके क्या मायने हैं।
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विश्व प्रसिद्ध कार कंपनियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हर कंपनी की पहचान उसके नाम से होती है। दुनिया में कई ऐसी कार कंपनियां हैं जो अपने नाम से ही प्रसिद्ध हैं। आपने लगभग सभी विश्व प्रसिद्ध कार कंपनियों के नाम सुने होंगे। लेकिन क्या आपको ये पता है कि लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियों के नाम का मतलब क्या है और ये कैसे पड़ा? हर कंपनी का अपना एक इतिहास है इसलिए इनका नाम भी अलग-अलग है। सभी कंपनियां प्रयास करती हैं कि उनका ब्रैंड नेम ऐसा हो जो लोगों को सुनते ही याद हो जाए। ऑडी, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, टेस्ला, फेरारी कुछ ऐसी विश्व प्रसिद्ध कार कंपनियां है जिनके बारे में हर एक शख्स जानता है। आजकल कंपनियां अपने नाम के चयन के लिए विशेषज्ञों की भी राय लेती हैं, ताकि वे आकर्षक से आकर्षक ब्रैंड नेम चुन सकें। आज हम आपको बताएंगे कि दुनिया की 15 बड़ी कार कंपनियों का नाम कैसे पड़ा और इसका अर्थ क्या है। 

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फेरारी 
लग्जरी कार ब्रांड फेरारी का नाम इसके संस्थापक इंजो फेरारी के नाम पर रखा गया है, जो इटली के थे। वे आधिकारिक ऑल्टो रेस ड्राइवर थे। 1939 में, उन्होंने अपनी खुद की कंपनी बनाने के लिए रेसिंग छोड़ दी। एक साल के भीतर, उन्होंने 1500 cm3 8-सिलिंडर 815 स्पाइडर का निर्माण किया। इटली में, फेरारी शब्द 'फेरारो' से लिया गया है, जिसका अर्थ ब्लैकस्मिथ होता है।

ऑडी 
जर्मन इंजीनियर ऑगस्ट हॉर्च ने 1899 में कंपनी अगस्त हॉर्च एंड सीआईई मोटरवैगेनवर्क AG की स्थापना की थी। पार्टनर्स के बीच गलतफहमी के कारण, हॉर्च ने कंपनी छोड़ दी और 1909 में एक नई कंपनी, ऑगस्ट होर्च ऑटोमोबिलवर्क GmbH की शुरुआत की। पुरानी कंपनी ने होर्च नाम रखा, जिसका अर्थ जर्मन में 'सुनो' या 'सुना' होता है। कंपनी ने इसके बजाय इसका लैटिन अनुवाद चुना - ऑडी। कुछ ही वर्षों में ऑडी को यूरोप में प्रसिद्धि मिल गई थी।
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फोर्ड 
1903 में हेनरी फोर्ड ने मिशिगन के डेट्रायट में फोर्ड मोटर्स कंपनी की स्थापना की। फोर्ड ने अपनी पहली कंपनी कैडिलैक छोड़ दी और 28,000 डॉलर के निवेश के साथ अपनी कार कंपनी शुरू की। उन्होंने मूविंग असेंबली लाइन की शुरुआत करके बड़े पैमाने पर कारों का उत्पादन पूरा किया। बाद में, फोर्ड ने वोल्वो, ट्रोलर और एफपीवी ब्रांड सहित कई कंपनियों का अधिग्रहण किए।

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शेवरले
शेवरले, को शेवी भी कहा जाता है। इसकी स्थापना 1911 में लुई शेवरलेट और विलियम सी ड्यूरेंट द्वारा डेट्रायट में शेवरले मोटर कंपनी के रूप में की गई थी। लुई शेवरले एक स्विस रेस कार ड्राइवर और ऑटोमोटिव इंजीनियर थे। कुछ लोगों के अनुसार जब कंपनी की स्थापना हुई थी, तो उन्हें नाम विदेशी लग रहा था, जिससे ब्रांड में थोड़ा स्टाइल बढ़ गया। हालांकि, इसकी स्थापना के सिर्फ सात साल बाद, शेवरले जनरल मोटर्स का हिस्सा बन गया।

होंडा 
होंडा का नाम इसके संस्थापक सोइचिरो होंडा के नाम पर रखा गया था। होंडा ने मूल रूप से 1937 में निर्माता टोकाई सेकी की स्थापना की, जिसने टोयोटा के लिए पिस्टन रिंग का उत्पादन किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कंपनी के संयंत्र नष्ट हो गए थे। होंडा ने कंपनी के पास जो कुछ बचा था उसे टोयोटा को बेच दिया और होंडा तकनीकी रिसर्च संस्थान को लॉन्च करने के लिए पैसे का इस्तेमाल किया।

बीएमडब्ल्यू 
बीएमडब्ल्यू ने 1912 में अपना परिचालन शुरू किया था और इसका गठन तीन जर्मन कंपनियों के विलय से हुआ। बीएमडब्लू (BMW) का पूरा नाम बवेरियन मोटर वर्क्स है। शुरुआत में कंपनी दक्षिणी जर्मनी के बवेरिया इलाके में इंजनों का निर्माण करती थी। यह विभिन्न एप्लिकेशन के लिए बीएमडब्ल्यू के इंजनों की मूल प्रोडक्ट रेंज को दर्शाता है।

मर्सिडीज बेंज 
मर्सिडीज-बेंज की उत्पत्ति कार्ल बेंज से हुई, जिन्होंने 1886 में कार में इस्तेमाल होने वाला पहला इंटर्नल कंबशन इंजन, बेंज पेटेंट मोटरवेगन बनाया। मर्सिडीज डेमलर मोटर गेसेलशाफ्ट (डीएमजी) द्वारा बनाया गया ब्रांड था। 1902 में कंपनी का नाम पंजीकृत किया गया। इसे मूल रूप से 1900 में विल्हेम मेबैक द्वारा निर्मित एक ऑटोमोबाइल मॉडल पर लागू किया गया था। मॉडल में डेमलर मर्सिडीज नामित एक नया डिजाइन किया गया इंजन था। मर्सिडीज का नाम एक अन्य डीएमजी वाहन, मर्सिडीज-बेंज पर भी लागू किया गया था, जिसे 1926 में बेंज एंड सी और और डीएमजी के विलय के बाद बनाया गया था। कार्ल बेंज का अंतिम नाम बेंज बरकरार रखा गया था, लेकिन कानूनी कारणों से, डीएमजी अपने संस्थापक, डेमलर के नाम का उपयोग नहीं कर सका और इसके बजाय अपने सबसे लोकप्रिय मॉडल के नाम का उपयोग करने का निर्णय लिया।

निसान
1928 में योशिसुके ऐकावा ने होल्डिंग कंपनी निहोन सांग्यो, या निहोन इंडस्ट्रीज की स्थापना की। 'निसान' नाम 1930 के दशक में टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज में निहोन सांग्यो के लिए इस्तेमाल किया गया एक संक्षिप्त नाम था। कंपनी में टोबाटा कास्टिंग और हिताची शामिल थे। 1933 में, ऐकावा ने ऑटोमोबाइल व्यवसाय में प्रवेश किया, और अगले वर्ष, उन्होंने एक नई सहायक कंपनी के रूप में ऑटोमोबाइल डिवीजन को शामिल किया, जिसका नाम उन्होंने निसान मोटर कंपनी लिमिटेड रखा।

पोर्श 
पोर्श का नाम इसके संस्थापक फर्डिनेंड पोर्श के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1931 में जर्मनी के स्टटगार्ट में कंपनी शुरू की थी। आज पॉर्श वोक्सवैगन परिवार में बहुसंख्यक शेयरधारक है।

रॉल्स रॉयस 
ऑटोमेकर हेनरी रॉयस ने 1904 में अपनी पहली मोटर कार बनाई और उसी साल मई में चार्ल्स रोल्स से मिले, जिनकी कंपनी ने लंदन में गुणवत्ता वाली कारें बेचती थी। एक समझौता किया गया था कि रॉयस लिमिटेड सीएस रोल्स एंड कंपनी के लिए कारों का निर्माण करेगी और यह सहमति बनी की कारों का नाम रोल्स-रॉयस होगा।

टोयोटा 
टोयोटा मोटर कंपनी की स्थापना 1937 में Toyoda परिवार द्वारा की गई थी। जापान में, 'टोयोडा' शब्द लिखने के लिए दस पेन स्ट्रोक लगते हैं, जबकि 'टोयोटा' शब्द केवल आठ स्ट्रोक में लिखा जाता है। जापानी संस्कृति में आठ को एक भाग्यशाली नंबर माना जाता है, इसलिए कंपनी का नाम बदलकर टोयोटा कर दिया गया।
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फॉक्सवैगन
28 मई, 1937 को, जर्मनी की सरकार ने एक राज्य के स्वामित्व वाली ऑटोमोबाइल कंपनी का गठन किया, जिसे मूल रूप से Gesellschaft zur Vorbereitung des Deutschen Volkswagens mbH (जर्मन पीपुल्स कार के निर्माण के लिए कंपनी) कहा जाता था। उस समय जर्मनी की सरकार एडॉल्फ हिटलर के नियंत्रण में थी। उसी वर्ष बाद में, इसका नाम बदलकर फॉक्सवैगनवर्क, या 'द पीपल्स कार कंपनी' कर दिया गया।

फिएट 
FIAT की स्थापना 1899 में एक इटली के व्यवसायी Giovanni Agnelli द्वारा की गई थी। फिएट का पूरा नाम 'फैब्रिका इटालियाना ऑटोमोबिली टोरिनो' है। इसका अर्थ है ट्यूरिन की इटालियन ऑटोमोबाइल फैकट्री। इस शब्द को इसलिए भी चुना गया था, क्योंकि लैटिन में, फिएट का अर्थ है 'let there be' जो एक कार निर्माण कंपनी के लिए उपयुक्त है।

मित्सुबिशी 
मित्सुबिशी ने आधिकारिक तौर पर 1917 में अपना मॉडल ए पैसेंजर कार के निर्माण के साथ ऑटोमोबाइल परिचालन शुरू किया। मित्सुबिशी नाम कंपनी के तीन-हीरे के प्रतीक को दर्शाता है। यह जापानी शब्द मित्सु का एक संयोजन है, जिसका अर्थ है 'तीन' और 'हिशी', यानी 'वॉटर चेस्टनट'। जापानी मित्सुबिशी शब्द का उपयोग एक हीरे या हीरे के आकार को दर्शाने के लिए भी करते हैं। 

टेस्ला
टेस्ला इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में बड़ा नाम है। एलन मस्क की ये अमेरिकी कंपनी दुनिया भर में अपने बेहतरीन इलेक्ट्रिक कारों के लिए जानी जाती है। इसका नाम सर्बियाई इन्वेंटर निकोला टेस्ला के नाम पर रखा गया है। 
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