सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीकॉम निगम लिमिटेड के 53.5 साल की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों को वीआरएस पैकेज का लाभ दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने बुधवार को 30 हजार करोड़ के पैकेज का एलान किया था।
पैकेज के अनुसार दोनों सरकारी कंपनियों के 53.5 साल की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों को अभी मिल रहे वेतन पैकेज से 125 फीसदी ज्यादा रकम मिलेगी। जून 2019 में बीएसएनएल के ऐसे 1.16 लाख कर्मचारी हैं। वही एमटीएनएल के ऐसे कर्मचारियों की संख्या 19 हजार है। बीएसएनएल में कुल 1.65 लाख कर्मचारी हैं। वहीं एमटीएनएल में कुल कर्मचारियों की संख्या 21679 है।
वीआरएस योजना से बीएसएनएल पर करीब 5200 करोड़ रुपये का भार कम हो जाएगा। वहीं एमटीएनएल पर 1080 करोड़ रुपये के भार में कमी आएगी। अनुमान है कि बीएसएनएल के 58000 हजार कर्मचारीवीआरएस लेंगे। वहीं एमटीएनएल में 9500 कर्मचारी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि सरकार किसी भी कर्मचारी को यह योजना के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने के लिए दबाव नहीं डालेगी। बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन संघ के नेता के सबेस्टियन ने कहा कि सरकार की यह योजना काफी अच्छी है, क्योंकि इसमें कर्मचारियों की ज्यादातर मांगे पूरी हो रही हैं।
प्लान के मुताबिक एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय होगा। बीएसएनएल के कर्मचारियों के लिए वीआरएस योजना लाई जाएगी। बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए 15 हजार करोड़ रुपये के सॉवरेन बॉन्ड लाए जाएंगे। 38 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां बेची जाएंगी। विलय प्रक्रिया पूरी होने तक एमटीएनएल, बीएसएनएल की सब्सिडियरी रहेगी। साथ ही बीएसएनएल-एमटीएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम दिए जाने पर भी सहमति जताई गई है।
एमटीएनएल में फिलहाल 22 हजार कर्मचारी हैं और कंपनी की 19 हजार करोड़ रुपये की उधारी है। कंपनी अपनी 90 फीसदी आय कर्मचारियों की सैलरी देने में खर्च करती है। अगले छह साल में कंपनी के करीब 16 हजार कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे।