व्हिसलब्लोअर की शिकायत का खुलासा नहीं करने पर देश की दूसरी बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी इंफोसिस देश के अग्रणी शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के रडार पर आ गई है। बीएसई ने बुधवार को इंफोसिस से व्हिसलब्लोअर की शिकायत का खुलासा (डिसक्लोजर) नहीं किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। शिकायत में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों पर गलत अकाउंटिंग के माध्यम से मुनाफा बढ़ाकर दिखाने जैसी ‘अनैतिक प्रक्रियाएं’ अपनाने का आरोप लगाया गया था।
कंपनी के खिलाफ अमेरिकी शेयर बाजार के रेग्युलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने भी जांच शुरू कर दी है। इंफोसिस ने गुरुवार को ये जानकारी दी। कंपनी न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में भी लिस्टेड है। भारतीय शेयर बाजार नियामक सेबी भी जांच शुरू कर चुका है।
नीलेकणी के बयान के मुताबिक, कंपनी बोर्ड के एक सदस्य को यह शिकायत 30 सितंबर को मिली। उन्होंने कहा था कि दोनों ही शिकायतों को 11 अक्तूबर को बोर्ड के गैर कार्यकारी सदस्यों के सामने रखा गया था। इसी दिन कंपनी ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। 22 अक्तूबर के ‘बयान’ शीर्षक से किए गए एलान में नीलेकणी ने कहा कि इंफोसिस को व्हिसलब्लोअर की शिकायतें मिली हैं।
कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार में दी गई फाइलिंग में कहा, ‘हालांकि, देखने में आया है कि इंफोसिस ने सेबी नियम, 2015 के तहत कोई डिसक्लोजर नहीं किया, लेकिन एलान में व्हिसलब्लोअर की शिकायत मिलने का उल्लेख किया गया था।’