शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप (Shapoorji Pallonji Group) के स्वामित्व वाली और भारती की वाटर प्यूरिफायर और वैक्यूम क्लीनर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी यूरेका फोर्ब्स (Eureka Forbes) को अमेरिकी निजी इक्विटी फर्म एडवेंट इंटेरनेश्नल खरीद सकती है। मामले से जुड़े जानकारों के मुताबिक, यह सौदा पांच हजार करोड़ रुपये में हो सकता है।
फिलहाल इस डील की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शापूरजी पल्लोनजी ने रणनीतिक विकल्पों को खोजने के लिए स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक को नियोक्त किया है। यूरेका फोर्ब्स को सार्वजनिक सूचीबद्ध फोर्ब्स एंड कंपनी से अलग किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मंजूरी का इंतजार है। इसके बाद कंज्यूमर अप्लायंस यूनिट एड्वेंट को बेच दी जाएगी।
एसपी ग्रुप को को ऐसे होगा फायदा
अगर यह सौदा होता है तो इससे 154 साल पुराने एसपी ग्रुप को अपना कर्ज कम करने में मदद मिलेगी और साथ ही कंस्ट्रक्शन बिजनेस पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। कंपनी के कुल कर्ज में से 12 हजार करोड़ रुपये भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की कोविड रिलीफ स्कीम के तहत है। योजना के तहत कंपनी को 2023 तक इसका भुगतान करना है। लेकिन कंपनी आने वाले महीनों में ही इसकी आधी राशि का भुगतान कर सकती है।
यूरेका फोर्ब्स के अधिग्रहण के लिए होड़ में थी ये कंपनियां
एडवेंट निवेश फर्म वार्बर्ग पिंकस और स्वीडिश होम अपलायंस निर्माता कंपनी इलेक्ट्रोलक्स के साथ यूरेका फोर्ब्स का अधिग्रहण करने के लिए मुकाबला कर रही थी। साल 1980 में दिग्गज कंपनी यूरेका फोर्ब्स को इलेक्ट्रोलक्स और टाटा ग्रुप द्वारा प्रमोट किया गया था। यूरेका फोर्ब्स के 35 देशों में करीब दो करोड़ ग्राहक हैं।
मालूम हो कि शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप कुल छह क्षेत्रों इंजीनियर सेगमेंट और कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रीयल एस्टेट, वाटर, एनर्जी और फाइनेंशियल सर्विसेज में काम करता है। इस कंपनी ने ही आरबीआई की बिल्डिंग, टाटा समूह की इमारतें, ताज महल टावर, बैंक ऑफ इंडिया और अन्य कई बिल्डिंग्ल बनाईं।