एसबीआई लाइफ
एसबीआई लाइफ ने कहा कि जून में समाप्त तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 43 फीसदी घटा और यह 220 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी को 390 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। कोविड-19 की दूसरी लहर की वजह से दावों में तेज वृद्धि हुई। 2021-22 की पहली तिमाही में दर्ज किए गए दावों की संख्या पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में दर्ज किए गए दावों से 1.28 गुना अधिक है। इस दौरान कंपनी का सकल लिखित प्रीमियम (जीडब्लूपी) 10 फीसदी बढ़कर 838 करोड़ रुपये हो गया, जबकि अप्रैल-जून 2020 में यह 764 करोड़ रुपये था।
डीएलएफ
वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में डीएलएफ ने 337.17 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ हासिल किया है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 71.52 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। कंपनी की कुल आय पिछले वर्ष की इसी अवधि के 646.98 करोड़ रुपये से लगभग दोगुनी होकर 1,242.27 करोड़ रुपये हो गई। मालूम हो कि बाजार पूंजीकरण (बाजार हैसियत) के लिहाज से डीएलएफ देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी है।
वेदांता
जून में समाप्त चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वेदांता का एकीकृत शुद्ध लाभ चार गुना हुआ और यह 4,280 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 29,151 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। एक साल पहले यह 16,998 करोड़ रुपये थी। वहीं कंपनी का खर्च 14,965 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,847 करोड़ रुपये पर पहुंचा।
टाटा मोटर्स
टाटा मोटर्स की बात करें, तो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध घाटा कम हुआ और यह 4,450.12 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले कंपनी को 8,443.98 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ था। इस दौरान कंपनी की एकीकृत परिचालन आय 66,406.05 करोड़ रुपये रही। एकल आधार पर कंपनी को 1,330.74 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। वहीं एकल आधार पर कंपनी की परिचालन आय 11,904.19 करोड़ रुपये रही।