सरकार ने एक ताजा नोटिफिकेशन के माध्यम से कंपनी अधिनियम के शेड्यूल तीन में संशोधन की घोषणा की है। यह संशोधन 1 अप्रैल 2022 से लागू होगा। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के इस संशोधन के मुताबिक, अब क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन करने वाली कंपनियों को क्रिप्टोकरेंसी से हुए लाभ-हानि का खुलासा करना होगा और अपनी बैलेंस शीट में दर्शाना होगा कि उनके पास कितनी क्रिप्टोकरेंसी है।
इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग या निवेश के लिए किसी व्यक्ति से लिए एडवांस या डिपॉजिट की घोषणा भी करनी होगी। इसे क्रिप्टोकरेंसी पर नियंत्रण की दिशा में सरकार का पहला कदम माना जा रहा है। सरकार के इस कदम का क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन से जुड़ी कंपनियों ने स्वागत किया है। इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक, इससे क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी और क्रिप्टोकरेंसी में संस्थागत निवेश को बढ़ावा मिलेगा। अनुमान के मुताबिक इस समय भारत में 70 से 80 लाख निवेशकों ने क्रिप्टोकरेंसी में लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है।