देश की सबसे बड़ी एनबीएफसी कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (DHFL) की रेटिंग घटने से म्यूचुअल फंड कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। कंपनी की रेटिंग इसलिए घटा दी गई है क्योंकि यह हजार करोड़ रुपये का ब्याज समय पर नहीं चुका पाई है। इससे पहले 28 मई को कंपनी के प्रवर्तकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ था।
कंपनी फिलहाल अपने कई फाइनेंसर्स से बात कर रही है और सात दिनों की मोहलत मांगी है ताकि 1000 करोड़ रुपये का ब्याज वो चुका सके। एक सूत्र ने बताया कि डिबेंचर ट्रस्ट डीड ने कंपनी को ब्याज चुकाने के लिए एक हफ्ते का वक्त दे दिया है।
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, यूटीआई म्यूचुअल फंड और कुछ निजी बैंक जैसे कि एक्सिस बैंक इंडसइंड बैंक सहित अन्य बैंकों ने डीएचएफएल में निवेश किया था। कुछ रिटेल इनवेस्टर्स ने भी कंपनी में पैसा लगाया था।
देश की सबसे बड़ी एनबीएफसी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन के प्रवर्तकों के खिलाफ 28 मई को लुकआउट नोटिस जारी हुआ था। इसके बाद कंपनी के शेयर चार फीसदी तक गिर गए। मुखौटा कंपनियों में पैसे जमा करने के आरोप में सरकार ने प्रवर्तकों और निदेशकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया। बीएसई पर कंपनी के शेयर 3.57 फीसदी गिरकर 114.80 के भाव रहे, जबकि एनएसई पर 3.65 फीसदी गिरावट के साथ 110.85 के भाव पर पहुंच गए।