अलीबाबा के सह-संस्थापक जैक मा ने कर्मचारियों को एक लंबा और भावुक पत्र लिखा है जिसमें इंटरनेट दिग्गज कंपनी के पुनर्गठन प्रयासों के लिए समर्थन व्यक्त किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में सुर्खियों से बाहर रहे अरबपति की ओर से उठाया गया यह एक दुर्लभ कदम है।
अपने पोस्ट में मा ने लिखा है कि अलीबाबा ने अतीत में कई गलतियां की हैं। रॉयटर्स द्वारा देखी गई पोस्ट की एक प्रति जिसे कंपनी के इंट्रानेट पर देखने वाले एक व्यक्ति ने पुष्टि की है के अनुसार, जैक मा कहा, "हम में न केवल कल की समस्याओं को समय पर स्वीकार करने और ठीक करने का साहस होना चाहिए, बल्कि भविष्य के लिए सुधार भी करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "इस साल, कंपनी पर आंतरिक और बाहरी रूप से कई संदेह और दबावों के बीच, मैंने एक मजबूत और बहादुर अलीबाबा टीम को आकार लेते देखा।" मा की ओर से पिछले पांच साल में कंपनी के इंट्रानेट पर लिखा गया यह सबसे लंबा पोस्ट है। अलीबाबा में जैक मा की लगभग 4% की हिस्सेदारी है। अलीबाबा ने मा के इस पोस्ट पर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया है।
ई-कॉमर्स कंसल्टेंसी डब्ल्यूपीआईसी मार्केटिंग + टेक्नोलॉजीज के सीईओ जैकब कुक के अनुसार इस पत्र का उद्देश्य वर्ष 2024 में नकारात्मक बढ़ने के बीच अलीबाबा के नेतृत्व में आंतरिक और बाहरी विश्वास बहाल करना था। पिछले 12 महीनों में अलीबाबा के शेयरों में 27% की गिरावट आई है, जिससे इसका बाजार पूंजीकरण लगभग 178 अरब डॉलर रह गया है। प्रतिद्वंद्वी पीडीडी, जिसने पिछले दिसंबर में बाजार मूल्य के मामले में अलीबाबा को पीछे छोड़ दिया था, 160 अरब के साथ बहुत पीछे नहीं है।
चीन के सबसे प्रसिद्ध तकनीकी उद्यमी मा ने अक्टूबर 2020 में एक भाषण में सार्वजनिक रूप से चीनी नियामकों की आलोचना की थी जिसके बाद फिनटेक कंपनी एंट ग्रुप की (जिसके संस्थापक भी मा हैं) की ओर से बड़े पैमाने की जाने वाली शेयरों की लिस्टिंग योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था।
इसके बाद चीन के टेक सेक्टर को बड़े पैमाने पर नियामकीय कार्रवाई झेलनी पड़ी थी। उस दौरान अलीबाबा पर 2.8 अरब डॉलर का भारी जुर्माना लगाया गया था। इन घटनाक्रमों के बीच जैक मा बड़े पैमाने पर सार्वजनिक जीवन दूर हो गए थे और नेपथ्य में चले गए थे। इस दौरान मा ने अपना अधिकांश समय विदेश में बताया, विशेष रूप से वह जापान में रहे। अलीबाबा के संस्थापक जैक मा जापान के टोक्यो विश्वविद्यालय द्वारा संचालित एक शोध संस्थान टोक्यो कॉलेज में विजिटिंग प्रोफेसर हैं।