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आगरा: कोरोना के कारण कारोबार 'लॉक', दो लाख चांदी कारीगरों का रोजगार 'डाउन'

Sat, 09 May 2020 12:05 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा में चांदी कारोबार ठप हुआ - फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन के कारण ताजनगरी के दो लाख चांदी कारीगरों का बुरा हाल हो गया है। काम चौपट होने के कारण कर्जे और उधार पर जिंदगी आकर ठहर गई है। शहर का चमकता चांदी उद्योग ठप पड़ा है। इसकी सबसे ज्यादा मार चांदी कारीगरों को झेलनी पड़ रही है।
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परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी है। थोड़ी सी मजदूरी के लिए घंटों खुद को तपाने वाले ये मजदूर हलकान हैं। जिंदगी चलाने के लिये कुछ जमापूंजी खर्च कर रहे हैं, तो कई ने कर्ज तक ले रखा है।

'इस काम में अपनी जिंदगी दे दी'
चांदी कारीगर नितेश कुशवाह ने बताया कि वो 20 वर्षों से कार्यरत हैं। ऐसे हालात पहली बार देखे हैं। खर्च चलाने के लिए मालिक से रुपये उधार लिए हैं। कारीगर भगवान सिंह ने कहा कि आमदनी है नहीं, जमा पूंजी खर्च हो गई, तो एक से कर्ज ले लिया। परिवार में 5 सदस्य हैं। जिंदा तो रहना ही है। 
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अब क्या होगा पता नहीं

चांदी कारीगर चंदन सिंह ने बताया कि खर्च चलाने के लिए खाते से बचे-खुचे रुपये तक निकालने पड़े हैं। पता नहीं आगे क्या होने वाला है। दूसरा काम भी नहीं आता है। कारीगर बाबुद्दीन ने बताया कि वो बचपन से इस काम से जुड़ा है। जिंदगी में पहली बार ऐसा संकट आन पड़ा है। इसकी कभी कल्पना नहीं की थी। मुश्किल से दिन कट रहे हैं।

आंकड़े
- आजादी से पहले से है ताजनगरी में चांदी कारोबार
- लगभग 2 हजार करोड़ का टर्नओवर है इसका
- दो लाख कामगारों को मिलता है इससे रोजगार 
- 700 कारोबारी हैं चांदी के काम से जुड़े
 
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