कोरोनावायरस के खौफ ने महज दस दिनों के अंदर आगरा के पर्यटन उद्योग को 25 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान पहुंचाया है। ताजमहल पर टिकट बिक्री, होटलों की बुकिंग कैंसिल होेने, रेस्टोरेंट और हैंडीक्राफ्ट एंपोरियम से इस नुकसान का आकलन किया गया है।
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वहीं अपरोक्ष रूप से नुकसान की मात्रा इससे कहीं ज्यादा है। ताजमहल के गाइडों के सामने संकट खड़ा हो गया है। हर दिन ताज पर 5 हजार सैलानी कम आ रहे हैं, वहीं होली और वीक एंड पर सैलानियों की संख्या में 10 से 15 हजार की गिरावट है।
ताजनगरी के 6 लोगों के कोरोनावायरस संदिग्ध होने की खबर फैलने का बुरा असर ताजमहल पर पड़ा। एक मार्च से ही ताजमहल पर सैलानियों की संख्या में कमी देखने को मिली है। होली से पहले और उसके बाद भी ताज पर पर्यटकों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ।
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ताज पर टिकट बिक्री से ही 3 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, वहीं होटलों के कमरों की बुकिंग निरस्त होने से दस दिनों में 8 करोड़ से ज्यादा का नुकसान ताजनगरी झेल चुकी है। एंपोरियम, रेस्टोरेंट, गाइड, टूर आपरेटर, टैक्सी सर्विस को 25 करोड़ रुपये ज्यादा का जबरदस्त नुकसान पहुंचा है।
हर चेहरे पर मास्क, देसी पर्यटक हुए कम
ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी समेत स्मारकों को देखने आ रहे हर सैलानी के चेहरे पर मास्क लगा हुआ है। भारतीय हो या विदेशी पर्यटक, हर एक ने मास्क लगाकर खुद का कोरोना के संक्रमण से बचाव की कवायद की है।
होली या अन्य त्योहारों पर वीक एंड और अवकाश पर ताजमहल पर 25 से 35 हजार के बीच सैलानी पहुंचते थे, लेकिन इस बार कोरोना का खौफ इस कदर है कि होली पर महज दस हजार और दूज पर केवल 15 हजार पर्यटक ही ताजमहल के दीदार के लिए आए।
होली पर ये रहा हाल
दिन विदेशी सार्क भारतीय कुल पर्यटक
10 मार्च 1714 282 8784 10,780
11 मार्च 2277 178 12,745 15,200
बुकिंग हो रहीं रद्द
‘चीन के बाद इटली, जापान और अन्य देशों में फैल रहे कोरोनावायरस के कारण बुकिंग लगातार रद्द हो रही हैं। यह टूरिस्ट सीजन पूरी तरह से खत्म हो गया। जो पर्यटक आ भी रहे हैं, वह शार्ट विजिट कर वापस लौट रहे हैं। आगरा को बहुत ज्यादा नुकसान इससे हुआ है’ - राजीव सक्सेना, उपाध्यक्ष, टूरिज्म गिल्ड
होटलों के कमरों के कैंसिलेशन लगातार हो रहे हैं। होली पर होटल पैक रहते थे। आगरा ने होली को भुनाना शुरू किया था, लेकिन यह सीजन कोरोना के कारण हर होटल को करोड़ों का नुकसान दे गया है - राकेश चौहान, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसो.
जूते का रॉ मैटेरियल आना बंद, होगी किल्लत
केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि शहर के जूता उद्योग के सामने भी कोरोनावायरस के खौफ का बुरा असर झेलना पड़ रहा है। दस दिनों से जूते का रॉ मैटेरियल नहीं आ रहा। जूता कारोबारियों ने जो स्टॉक किया था, वह अब खत्म होने की कगार पर है या कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा।
कोरोनावायरस का सबसे ज्यादा असर चीन और इटली पर हुआ है। इन्हीं दोनों देशों से मशीनरी, रॉ मैटेरियल की सप्लाई होती है। आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के महामंत्री दिलीप खूबचंदानी ने बताया कि रॉ मैटेरियल की सप्लाई बंद हो चुकी है। जो स्टॉक है वह ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला। होली पर छुट्टियों के कारण जूते का काम रुका है, अन्यथा अब तक किल्लत शुरू हो चुकी होती।