कॉग्निजेंट से करीब 6000 भारतीय कर्मचारियों को निकाले जाने की संभावना है ये बात दुनियाभर में आग की तरह फैल चुकी है। कहा जा रहा है वर्तमान मूल्यांकन प्रक्रिया में लगभग 6000 भारतीय कर्मचारियों को निकाला जा सकता है। इसके अलावा अधिक से अधिक अमेरिकी पेशेवरों को नौकरी दी जाएगी।
चेन्नई के आईटी प्रोफेशनल्स ने इससे निपटने के लिए कानूनी विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं और राज्य श्रम विभाग के साथ सुलह प्रक्रिया की तैयारी में जुट गए हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार अप्रेजल चक्र के दौरान कॉग्निजेंट कर्मचारियों की इच्छा के बिना उन्हें नौकरी से निकाल सकती है।
इसके लिए फोरम फॉर आईटी एमप्लाईज ने सहायक श्रम आयुक्त और राज्य श्रम आयुक्त को निवेदन भेज दिया है। उन्होंने कॉग्निजेंट द्वारा कर्मचारियों के निकाले जाने को अवैध निष्कासन बताया है।
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक एफआईटीई के महासचिव विनोद ए.जे ने बताया कि हमने राज्य सरकार को अभिवेदन भेज दिया है। औपचारिक रूप से सुलह दर्ज कराने की अभी हमारी योजना है। इस मुद्दे को लेबर कोर्ट में ले जाने से पहले हमने ये कदम उठाया है।
बता दें इसी तरह की घटना दो साल पहले हुई थी, जब फोरम को टीसीएस कर्मचारियों के निष्कासन पर स्टे मिला था। इसने यह सुनिश्चित करने के लिए भी राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि आईटी कंपनियों के साथ कर्मचारियों के औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत कार्रवाई के अंतर्गत लाया जाए।