त्योहारों से पहले खाद्य तेलों की कीमतें नीचे लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि अगले हफ्ते तक प्रमुख तेल उत्पादक राज्यों को खाद्य तेल भंडारण सीमा लागू करनी होगी। इस कदम से कीमतें और नीचे आएंगी और त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
4 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो चुका है खाद्य तेल
सचिव ने कहा, पिछले दिनों सरकार की ओर से आयात व सीमा शुल्क घटाने सहित अन्य फैसलों से खाद्य तेलों के दाम पहले ही 3-4 रुपये प्रति लीटर तक नीचे आ चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार कीमतें बढ़ने के बावजूद केंद्र ने दखल देकर घरेलू बाजार में महंगाई पर काबू रखा। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले खाद्य तेलों की कीमतें अब भी ज्यादा हैं, लेकिन सितंबर के बाद से इसमें गिरावट आ रही है।
केंद्र के निर्देश के बाद राज्य सरकारें तेल की भंडारण सीमा लागू करने पर सहमति बना रही हैं, उम्मीद है कि अगले सप्ताह से इस पर अमल शुरू हो जाएगा। इसका फैसला राज्यों को ही करना होगा, केंद्र अपनी तरफ से सीमा तय नहीं करेगा। सरसों तेल की कीमतें नई फसल आने पर फरवरी तक नीचे आएंगी।
राज्यों ने पहले भी तय की थी भंडारण सीमा
राज्य खाद्य तेल तिलहन
आंध्र प्रदेश 30-100 75-150
बिहार 250-500 500-1,000
छत्तीसगढ़ 250 500
हरियाणा 25 25
हिमाचल प्रदेश 10 50
झारखंड 50 50-2,000
नोट : आंकड़े क्विंटल में (2008-2018 तक)