सीबीआईसी ने अपने निर्देशों में पांच ऐसी परिस्थितियां निर्धारित की है, जिसके तहत एक वरिष्ठ कर अधिकारी आईटीसी सेवाओं पर रोक लगा सकते हैं। इसमें बिना बिल या वैध दस्तावेज के आईटीसी वसूलनी या ऐसे किसी बिल पर आईटीसी का लाभ उठाना भी शामिल है, जिस पर विक्रेता ने जीएसटी भुगतान नहीं किया है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जीएसटी अधिकारियों से संदेह नहीं बल्कि सुबूतों के आधार पर करदाताओं के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पर रोक लगाने के लिए कहा है।
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वरिष्ठ कर अधिकारी को ही रोक लगाने का अधिकार : सीबीआईसी
सीबीआईसी ने अपने निर्देशों में पांच ऐसी परिस्थितियां निर्धारित की है, जिसके तहत एक वरिष्ठ कर अधिकारी आईटीसी सेवाओं पर रोक लगा सकते हैं। इसमें बिना बिल या वैध दस्तावेज के आईटीसी वसूलनी या ऐसे किसी बिल पर आईटीसी का लाभ उठाना भी शामिल है, जिस पर विक्रेता ने जीएसटी भुगतान नहीं किया है।
बोर्ड ने कहा, आयुक्त या उनकी ओर से अधिकृत अधिकारी (सहायक आयुक्त के पद से नीचे का न हो) के मामले के सभी तथ्यों पर विचार के बाद ही रोकने पर एक राय बनानी चाहिए।
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पिछले महीने तक रोके गए थे 14,000 करोड़ के रिफंड
जीएसटी कानून के नियम 86ए के तहत अधिकारी पुख्ता जानकारी होने पर ही करदाताओं के आईटीसी पर रोक लगा सकते हैं। अधिकारियों ने पिछले महीने तक इसी नियम के तहत 14,000 करोड़ के रिफंड रोक दिए थे।