केंद्र सरकार ने 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का तोहफा दिया है। मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के मुताबिक उन्हें बेसिक वेतन पर अब चार के बजाय पांच फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा।
नया भत्ता एक जुलाई से लागू माना जाएगा। केंद्र सरकार पर इस मद में हर साल 3068.26 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। वित्त वर्ष 2017-18 (जुलाई, 2017 से फरवरी, 2018) तक बढ़े हुए महंगाई भत्ते के भुगतान पर 2.45.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
Cabinet approves release of additional 1% Dearness Allowance to Central Govt employees & Dearness Relief to pensioners w.e.f. 01.07.2017
— ANI (@ANI) September 12, 2017
वहीं केंद्र सरकार ने संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की कर मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को इसके लिए ग्रेच्युटी भुगतान कानून में संशोधन के प्रस्ताव को पारित कर दिया। निजी क्षेत्र के अलावा सरकारी कंपनियों के कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। अब ग्रेच्युटी के मामले में उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर सुविधाएं मिलेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) कानून, 2017 को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में कर मुक्त ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है।
इसके बाद से ही निजी क्षेत्र एवं सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को यह सुविधा देने पर विचार किया जा रहा था। सरकार ने मुद्रास्फीति एवं वेतन बढ़ोतरी के मद्देनजर कर मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि ग्रेच्युटी भुगतान कानून में संशोधन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। मालूम हो कि न्यूनतम पांच साल की सेवा के बाद ही ग्रेच्युटी का लाभ मिलता है।