केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित तौर पर धोखाधड़ी के जरिए 263 करोड़ रुपये से ज्यादा के टैक्स रिफंड के मामले में एक व्यापारी, एक आयकर इंस्पेक्टर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी ने आयकर विभाग की ओर से मिली शिकायत पर यह कार्रवाई की। विभाग की ओर से आरोप लगाया गया है कि भूषण अनंत पाटिल ने अपने इनकम टैक्स इंस्पेक्टर तानाजी मंडल अधिकारी के साथ साजिश करके स्रोत पर ही कर कटौती के लिए झूठा दावा किया।
आईटी विभाग का आरोप है कि 263 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड हासिल करने के लिए भूषण अनंत पाटिल ने आईटी इंस्पेक्टर और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और यह राशि पाटिल के बैंक खाते में जमा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस संबंध में राजेश मथानी, आशीष मेहदीरत्ता, डेविंड एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड और वीजेएम मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, जिसे अब ब्लिट्ज मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।