कोरोना के बाद धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। व्यापार बढ़ रहा है। मांग में भी उछाल है। यही कारण है कंपनियों ने अपना उत्पादन भी बढ़ा दिया है। एक मासिक सर्वे के अनुसार अक्तूबर में भारत के मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूती आई है और मांग में सुधार होने से कंपनियों ने उत्पादन भी बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात महीनों में उत्पादन सबसे ज्यादा अक्तूबर में बढ़ा है, वहीं व्यापार पिछले छह महीने के उच्चतम दर पर पहुंच गया है।
आंकड़ों को देखा जाए तो भारतीय बाजार का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अक्तूबर में 55.9 हो गया है, जो सितंबर में 53.7 था। यह उछाल फरवरी के बाद सबसे मजबूत स्थिति की ओर इशारा करता है। यह लगातार चौथा महीना है जब पीएमआई डेटा में सुधार देखा गया है।
अक्तूबर में सबसे अधिक रही मांग
आईएसएच मार्केट की इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पोल्याना डी लीमा का कहना है कि भारत के मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में लगातार सुधार देखा जा सकता है। अक्तूबर के आंकड़ों में नए ऑर्डर, उत्पादन और इनपुट परचेजिंग में बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने कहा कि अक्तूबर में मांग पिछले सात महीनों में सबसे अधिक रही वहीं मार्च के बाद उत्पादन भी सबसे ज्यादा बढ़ा है।
तीन महीनों में सबसे ज्यादा रहा निर्यात
पोल्याना डी लीमा ने बताया कि भारतीय कंपनियों के उत्पादन की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़ी है, यही कारण है कि पिछले तीन महीनों में निर्यात भी सबसे तेजी से बढ़ा है।
मुद्रास्फीति बढ़ना चिंता की बात
भले ही भारतीय बाजार में सुधार देखा गया हो, लेकिन मुद्रास्फीति का बढ़ना एक चिंता की बात है। पिछले 92 महीनों में मुद्रास्फीति अपने उच्चतम शिखर पर पहुंच गई है। डी लीमा ने कहा नहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे माल की मांग बढ़ रही है। यही कारण है कि कच्चे माल की कीमतों में भी उछाल हो रहा है।