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World Economic Forum: भारत बन रहा निवेश की पहली पसंद; दिवालिया कानून जैसे बदलावों का दिख रहा असर

Mon, 25 Mar 2024 07:19 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डब्ल्यूईएफ में वित्तीय और मौद्रिक प्रणाली केंद्र के प्रमुख मैथ्यू ब्लैक ने कहा, भारत दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से एक रहा है और निवेशकों ने यहां पैसा बनाया है।
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वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम - फोटो : BBC
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विस्तार
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विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारत को एक आकर्षक निवेश ठिकाना बताया है। अधिकारी ने कहा कि दिवालियापन कानून और कराधान संहिता जैसे नीतिगत बदलाओं और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से तैयार सक्षम वातारण से भारत वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक बहुत ही बढ़िया निवेश स्थान बन गया है। डब्ल्यूईएफ में वित्तीय और मौद्रिक प्रणाली केंद्र के प्रमुख मैथ्यू ब्लैक ने कहा, भारत दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से एक रहा है और निवेशकों ने यहां पैसा बनाया है। वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र (जिसे फिनटेक भी कहा जाता है) उन कंपनियों से बना है जो वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करती हैं। 

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हालांकि, ब्लैक ने यह भी कहा कि चूंकि बाजार पूरी तरह से एक सीध में नहीं चलते हैं और उतार चढ़ाव की संभावना होती है, इसलिए निवेशकों को शिक्षित करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, इसलिए एक जानकार निवेशक, एक विविध निवेशक होने और ऐसा करने के लिए शैक्षिक संसाधनों तक पहुंच रखने का विचार वास्तव में मौलिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) है।

भारत छोटे, महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष देशों के लिए प्रकाशस्तंभ
डब्ल्यूईएफ के मंच सेंटर फॉर फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन (सी4आईआर) की कार्यसमिति के सदस्य सेबस्टियन बकुप ने कहा कि भारत में अंतरिक्ष को लेकर उत्साह दुनियाभर से प्रतिभाओं को आकर्षित कर रहा है और उन्हें व्यवसाय शुरू करने और क्षेत्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है। सी4आईआर ने पिछले सप्ताह भारत में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कार्यक्रम शुरू किया। इसका मकसद अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले विभिन्न देशों के बीच वैश्विक सहयोग बनाया जा सके, क्योंकि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा, अंतरिक्ष के क्षेत्र में कुछ करने की इच्छा रखने वाले छोटे और महत्वाकांक्षी देशों के लिए भारत को एक आदर्श, एक प्रकाशस्तंभ के रूप में देखा जाता है। ये देश भारत की सहायता भी चाहते हैं। इस क्षेत्र में डब्ल्यूईएफ दोनों पक्षों के बीच एक कड़ी का काम करना चाहता है।
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फिनटेक कंपनियां एआई को मानती हैं बड़ी ताकत
ब्लैक ने कहा कि डब्ल्यूईएफ और कैम्ब्रिज सेंटर फॉर अल्टरनेटिव फाइनेंस की ओर से फिनटेक कंपनियों के सीईओ के बीच एक सर्वेक्षण कराया गया था। इसमें यह पता चला कि 70 प्रतिशत कंपनियां यह मानती हैं कि एआई को एक बड़ी ताकत है और इसे उत्पादों और सेवाओं के निजीकरण और अनुकूलन के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने क्षेत्रीय नियामकों के लिए कहा कि जोखिम प्रबंधन के संदर्भ में एआई मददगार हो सकता है और उन्हें लिए प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रहे बदलावों के अनुरूप ढलने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में नियामक एजेंसियों को आमतौर पर काफी कुशल माना जाता है।

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