पिछले हफ्ते एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान रद्द होने के कारण एक महिला ओमान के अस्पताल के आईसीयू में भर्ती अपने पति को मौत से पहले आखिरी बार नहीं देख सकी। उसके परिवार ने यह आरोप लगाया है।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन में कथित कुप्रबंधन के विरोध में चालक दल के सदस्यों की कमी के कारण एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पिछले सप्ताह 'बड़ी संख्या में उड़ानें' रद्द कर दी थीं। कम लागत वाली एयरलाइन में केबिन क्रू के सदस्यों के असंतोष कारण ये उड़ानें दर्द की गईं। केबिन क्रू का यह असंतोष एआईएक्स कनेक्ट (पूर्व में एयर एशिया इंडिया) के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की विलय की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शुरू हुआ।
बाद में 10 मई को छुट्टी पर गए केबिन क्रू के सदस्यों ने समझौते के बाद काम पर लौटने की हामी भरी, जिसके बाद एयरलाइन की ओर से केबिन क्रू के 25 सदस्यों को जारी टर्मिनेशन लेटर वापस ले लिया गया। एयरलाइन के एक सूत्र ने बताया था कि चालक दल की कमी के कारण आठ मई से 10 मई के बीच एअर इंडिया एक्सप्रेस को 260 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी।
एयरलाइन ने 12 मई को कहा था कि वह धीरे-धीरे अपनी उड़ान सेवाओं को बहाल कर रही है और मंगलवार तक स्थिति पूर्ण रूप से सामान्य होने की उम्मीद है। उसी दिन, केबिन क्रू यूनियन ने कहा कि बीमार होने की सूचना देने वाले सभी सदस्यों ने 11 मई तक ड्यूटी ज्वाइन कर ली।