वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत तेज रफ्तार से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इसकी वृद्धि दर दुनिया में सबसे अधिक रही है। यह जीडीपी के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा, तीसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं (जापान व जर्मनी) के साथ-साथ उभरती अर्थव्यवस्थाएं भी इस दौरान भारत के बराबर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकीं। इन देशों की तुलना में भारतीय अर्थव्यवस्था 7 फीसदी से ज्यादा रफ्तार से आगे बढ़ी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर अवधि में जीडीपी की वृद्धि दर 7.6 फीसदी रही।
मुद्दों के राजनीतिकरण करने से नहीं चलेगा काम
सीतारमण ने कहा, मुद्दों के राजनीतिकरण से काम नहीं चलेगा। इससे कोई मदद नहीं मिलती। उन्होंने केरल में पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला उठाया। इस पर विपक्ष ने हल्ला शुरू किया। इस पर निर्मला ने कहा, वह सिर्फ सदस्यों के उठाए मुद्दों पर अपना पक्ष रख रही हैं। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के हिंसा मामलों का विवरण व कोलकाता हाईकोर्ट बेंच की टिप्पणियों का हवाला दिया। इस पर तृणमूल सांसदों ने हंगामा मचाया।
इससे पहले वित्त मंत्री ने कहा था कि 2024 के चुनावों से पहले मोदी सरकार के आखिरी बजट में किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। परंपरा को ध्यान में रखते हुए यह अंतरिम बजट होगा क्योंकि अगले साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव होने हैं। वित्त वर्ष 25 का पूर्ण बजट आम चुनाव के बाद नई सरकार के गठन के बाद पेश किया जाएगा।