पेटीएम के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा
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विजय शेखर शर्मा पेटीएम के एमडी और सीईओ नियुक्त कर दिए गए हैं। उनकी नियुक्ति पर शेयरधारकों की मीटिंग में मुहर लगा दी गई। एजीएम में 99.67 फीसदी शेयरधारकों ने विजय शेखर के पक्ष में वोट किया। शेयरधारकों ने रवि चंद्र अदुसुमल्ली की बोर्ड में फिर से नियुक्ति पर भी मुहल लगा दी। पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्यूनिकेशंस की 22वीं एनुअल जनरल मीटिंग में यह अहम फैसला लिया गया।
कंपनी ने कहा कि हम अपने शेयरधारकों के आभारी हैं। उन्होंने हमारे प्रति अपना अटूट समर्थन दिखाया और हमारे नेतृत्व में विश्वास किया। हम यह भी बताना चाहते हैं कि विजय के रेमुनरेशन रिजॉल्यूशन के पक्ष में 94.48 फीसदी वोट पड़े। पिछले दिनों एक प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म ने पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के नुकसान को फायदे में नहीं ला पाने के चलते शर्मा को पद से हटाने की सलाह दी थी।
निवेशकों के लिए बुरा सपना बना पेटीएम
भारत में टेक स्टार्टअप के रूप में अपनी सशक्त पहचान वाली कंपनी पेटीएम का आईपीओ निवेशकों के लिए एक बुरे सपने की तरह रहा। आईपीओ जारी होने बाद से अब तक निवेशकों को 60 प्रतिशत तक का नुकसान झेलना पड़ा है। पेटीएम का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। लोगों ने इस पर भरोसा कर पैसा लगाया मगर कंपनी निवेशकों के भरोसे पर खरा नहीं उतर पाई। पिछले महीने कंपनी के फाउंडर और सीईओ 44 वर्षीय विजय शेखर शर्मा ने कहा था कि पेटीएम सालाना एक बिलियन डॉलर रेवेन्यू वाली भारत की पहली कंपनी बनेगी। उन्होंनें कहा था कि धीरे-धीरे कंपनी मुनाफे की ओर बढ़ने लगेगी। कंपनी की लिस्टिंग से पहले की शर्मा कई बार यह दावा कर चुके हैं कि कंपनी प्रॉफिटेबल हो रही है पर उनका दावा अब तक सच नहीं हो सका है।
इन कंपनियों ने किया है पेटीएम में बड़ा निवेश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेटीएम (One 97 Communications Ltd.) में एंट ग्रुप कंपनी के एंटफिन (Antfin) नीदरलैंड्स होल्डिंग BV., सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन और कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड ने बड़ा निवेश किया है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि पेटीएम के शेयर को ट्रैक कर रहे दर्जनभर एनालिस्ट्स में से 6 ने इसके शेयर को बाय (Buy) रेटिंग दी है, जबकि 3 ने इसे होल्ड और 3 ने ही इसे बेचने की सलाह दी है।