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वरिष्ठ नागरिक: वित्तीय आजादी ही सेवानिवृत्ति का सही तरीका नहीं, रिटायरमेंट सिर्फ पैसे के बारे में नहीं

Mon, 05 Feb 2024 06:10 AM IST
जलज मिश्रा नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार

सार

बिना तैयारी के सेवानिवृत्ति का फैसला उतना अच्छा नहीं होता, जितना आप सोचते हैं। आप इसकी तैयारी करते हैं तो यह उतना निराशाजनक भी नहीं होता है। बहुत सारे लोग समय से पहले घर बैठने की चाहत रखते हैं। इसका एक कारण यह है कि रिटायर होने के बाद वे जीवन में खुश रहेंगे।
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old people - फोटो : pexels.com
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विस्तार
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ऐसे बहुतेरे लोग हैं, जिन्हें लगता है कि अगर वे वित्तीय रूप से सक्षम हैं तो सेवानिवृत्ति का फैसला सही है। वास्तव में ऐसा होता नहीं है। आपको यह भी सोचना चाहिए कि अगर नौकरी पूरी होने से 10 साल पहले सेवानिवृत्त हो गए तो समय कैसे काटेंगे? रिटायरमेंट सिर्फ पैसे के बारे में नहीं है। यह उसके बाद के जीवन के लिए भी है, जिसे अलग नजरिये से देखना होगा।

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बिना तैयारी के सेवानिवृत्ति का फैसला उतना अच्छा नहीं होता, जितना आप सोचते हैं। आप इसकी तैयारी करते हैं तो यह उतना निराशाजनक भी नहीं होता है। बहुत सारे लोग समय से पहले घर बैठने की चाहत रखते हैं। इसका एक कारण यह है कि रिटायर होने के बाद वे जीवन में खुश रहेंगे। वैसे जल्दी रिटायरमेंट लेने पर विचार करने के वित्तीय कारण भी हैं, और कई लोगों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी लिया है, जिसे कंपनियां समय समय पर ऑफर करती रहती हैं। यह सोचना कि हमारे जीवन में खुशी सिर्फ एक बार ही प्राप्त होगी, जब हम सेवानिवृत्त होंगे, तो ऐसा सोचना भी सही नहीं है। कभी-कभी आसान चीजों की तलाश में हम उन्हें ठीक से देखना भूल जाते हैं। वे उतनी आसान नहीं होती हैं, जितनी दिखाई देती हैं।

ऑफिस और घर काम के बीच संतुलन जरूरी
हाल में मेरी मुलाकात 55 साल की चचेरी बहन से हुई। उन्होंने जल्दी सेवानिवृत्त होने का मन बनाया है, क्योंकि वह 32 वर्षों से एक सरकारी कंपनी में काम कर थक गई हैं। 1990 के दशक की शुरुआत में जब उन्होंने नौकरी संभाली, तो वह उन चंद महिलाओं में से थीं, जो करियर को लेकर काफी जागरूक थीं। काम पर जाने से पहले समय पर जागने, परिवार का खाना बनाने जैसे नियमित कार्यों को लेकर उनकी शिकायतें सुना करता था। उनके साथ काम करने वाले लोगों का अच्छा न होना, घर के साथ-साथ ऑफिस के कामकाज के झंझट निपटाना और फिर शाम को घर आकर रात का खाना बनाना जैसी कई बातें वे अक्सर किया करती थीं। संक्षेप में कहें तो उनकी शिकायत यह थी कि उन्हें जो भी पसंद था, उसके लिए समय नहीं मिल पा रहा था। इसमें यात्रा करना, पढ़ना, संगीत और दोस्तों से मिलना शामिल था। वह अपनी रुचि के लिए समय निकालने को अपनी दिनचर्या से छुट्टी चाहती थीं। इसलिए, जल्दी रिटायरमेंट लेना चाहती थीं।
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कहानियों के आधार पर न लें फैसला
चचेरी बहन पेंशन की हकदार थीं। इसलिए, उन्हें विश्वास था कि जो पैसा मिलेगा, उससे वह वित्तीय आजादी भी मिलेगी, जो वह चाहती हैं। हालांकि, उन्होंने ऐसी योजना पर परिवारजनों को विश्वास में नहीं लिया था। इसके उलट, मेरे जीजाजी अगले वर्ष रिटायर होने वाले हैं। वे सेवा विस्तार के इच्छुक थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि रिटायरमेंट के बाद समय कैसे बिताएंगे। सेवानिवृत्ति को ऐसे देखना सही नहीं है,जैसे इसे अक्सर किताबों, पत्रिकाओं और फिल्मों में महिमामंडित किया जाता है। हर किसी का रिटायरमेंट अलग-अलग होता है। जीजाजी को इसलिए इस चर्चा में ले आया कि चचेरी बहन जब कुछ साल बाद सेवानिवृत्त होंगी तो उन्हें कैसा लगेगा?

कुछ माह बाद शुरू होती है असली समस्या
सेवानिवृत्ति के बाद अच्छी जगहों पर घूमने, घर के काम निपटाने और दोस्तों से मिलने की सारी इच्छा कुछ माह बाद फीकी पड़ने लगती है। कुछ लोग इसे एक-दो साल तक बनाए रखते हैं और सोचते हैं कि समय को सही तरीके से बिताना सबसे बड़ी चुनौती है।

मेरे चचेरे भाई हैं, जो एक दशक पहले रिटायर हो चुके हैं और अब भी सक्रिय हैं, क्योंकि सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें एक उद्देश्य मिल गया है। वे नियमित रूप से घर के पास एक मंदिर में खाताबही का कामकाज देखते हैं। इन कार्यों को पैसे के साथ जोड़ने का भ्रम न पालें। यह सिर्फ समय को उपयोगी तरीके से व्यतीत करने के लिए है।

मेरे अपार्टमेंट में सेवानिवृत्त दंपत्ति हैं, जिन्होंने माली की मदद के साथ अपार्टमेंट के लिए कागजी दस्तावेजों के प्रबंधन में सहायता का बीड़ा उठाया है। इनमें से किसी भी कार्य से उन्हें पैसा नहीं मिलता है, लेकिन उन्हें अपने घर से बाहर निकलने और कुछ करने का उद्देश्य मिल गया है।

समय बिताने के बारे में भी सोचें
जीजाजी पूरी तरह अचंभित थे। वे सोच नहीं पा रहे थे कि चचेरी बहन सेवानिवृत्त होने के बाद क्या करेंगी। वे कहते थे कि नौकरी के दौरान जीवन इतने कार्यों से भरा हुआ था कि सेवानिवृत्ति के बाद इन सबके बिना समय बिताना कितना मुश्किल होता होगा। सेवानिवृत्ति सिर्फ भावनाओं और पैसे के बारे में नहीं है। यह समय बिताने के बारे में भी है। खासकर उन लोगों के लिए जिनकी कार्यशैली दौड़भाग वाली होती है। ऐसे कई उदाहरण हैं, जिन्हें हम अपने आसपास देख सकते हैं। इन उदाहरणों को देखते हुए मैंने चचेरी बहन से पूछा, वह इस बात पर विचार करें कि सेवानिवृत्ति के बाद 10 साल का समय कैसे बिताएंगी।

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