एपल ने भारत में अपने दो स्टोर एपल बीकेसी और एपल साकेत के दरवाजे ग्राहकों के लिए खोल दिए हैं। इन दोनों स्टोर्स की ओपनिंग के दौरान कंपनी के मुखिया टीम कुक की मौजूदगी मीडिया की सुर्खियों में रही। एपल बीकेसी की ओपनिंग से पहले वे मुंबई में माधुरी दीक्षित के साथ वड़ा पाव का स्वाद लेते दिखे थे। दिल्ली में स्टोर की ओपनिंग से एक दिन पहले टिम कुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। आइए जानते हैं एपल चीफ की भारत यात्रा से जुड़े 12 अहम सवालों के जवाब।
1# पीएम से मुलाकात के दौरान क्या बोले एपल सीईओ?
पीएम से मुलाकात के दौरान एपल सीईओ ने भारत सरकार से नीतिगत स्तर पर निरंतरता बनाए रखने और देश में कल-पुर्जों की आपूर्ति के लिए मजबूत ढांचा तैयार करने में जरूरी मदद देने की अपील की। कुक ने प्रधानमंत्री से अपनी मुलाकात के दौरान सरकार से इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए भी मदद मांगी। दूसरी ओर सरकार ने भी एपल मुखिया से भारत में अपना निवेश और आईफोन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा। एपल के प्रमुख टिम कुक ने पीएम मोदी के अलावा संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव और आईटी व इलेक्ट्रॉनिक राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर से भी मुलाकात की। कुक से मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "आपसे मिलकर बहुत प्रसन्नता हुई। विभिन्न विषयों सहित भारत में तकनीक की मदद से हो रहे महत्वपूर्ण बदलावों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।"
2# क्या एपल भारत में अपना निवेश और उत्पादन बढ़ाएगा?
दूसरी ओर कुक ने भी अपनी प्रतिक्रिया में भारत में निवेश बढ़ाने के संकेत दिए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद करते हुए लिखा कि भारत में शिक्षा से लेकर विनिर्माण के क्षेत्र में तकनीक की सकारात्मक भूमिका पर आपके विचारों को हम साझा करते हैं। हम भारत में कारोबार और निवेश बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दूसरी ओर कुक से मुलाकात के बाद आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, 'हमने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने सहित निर्यात, युवाओं को हुनरमंद बनाने, ऐप नवाचार और अर्थव्यवस्था व रोजगार से जुड़े विषयों पर चर्चा की।'
एपल अपने इंडिया प्लान के तहत भारत में आईफोन, एयरपॉड्स और एपल पेंसिल्स का निर्माण करना चाहता है, इसके साथ ही कंपनी एपल वॉच, आईपैड और मैकबुक के कल-पुर्जों का निर्माण भी भारत में करने की प्लानिंग कर रहा है। इसके लिए उसने ताइवाइन में अपने तीन अहम असेंबली पार्टनर्स फॉक्सकॉन, पेगाट्रॉन और विस्ट्रॉन के साथ करार किया है।
9# भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या है एपल की तैयारी?
दुनिया के सबसे वैलुएबल ब्रांड एपल ने भारत में आईफोन का एक्सटीरियर तैयार करने के लिए प्रमुख भारतीय कंपनी टाटा समूह से भी करार किया है, जिसके साथ वह अंततः आईफोन की असेंबलिंग करना चाहता है। एपल ने साल 2022 में अपनी ओर से बनाए गए 20 करोड़ आईफोन्स में से 65 लाख का निर्माण भारत में किया। वह भारत में वर्ष 2023 में एक करोड़ आईफोन का उत्पादन करना चाहता है। वर्ष 2024 में कंपनी का लक्ष्य भारत में डेढ़ करोड़ आईफोन का निर्माण करने का है। जानकारों का मानना है कि 2025 तक एपल अपने 25 प्रतिशत आईफोन का उत्पादन भारत में करना चाहता है। इसके साथ ही वह आईपैड और एपल वॉच का उत्पादन भी भारत में करने को इच्छुक है, पर मामले की जानकारी रखने वालों के अनुसार इसमें अभी और समय लग सकता है।
10# क्या एपल के सभी फोन भारत में बनेंगे?
पिछले कुछ सालों से एपल ने अपने सबसे हालिया आईफोन मॉडल्स की पहली खेप चीन में बनाई है, फिर कंपनी ने धीरे-धीरे भारत में उत्पादन शुरू किया। वह भारत और चीन दोनों देशों से आईफोन 15 का निर्यात करने की उम्मीद कर रहा है और अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा। हालांकि आईफोन 15 प्लस और टाइटेनियम आईफोन 15 प्रो मॉडल अब भी केवल चीन में ही बनाए जाएंगे।
11# एपल के ‘इंडिया प्लान’ में चुनौतियां क्या हैं?
एपल ने भारत में आईफोन 15 का कवर बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और डिवाइस के पार्ट्स पहले से ही जाबिल जैसे आपूर्तिकर्ताओं की ओर से स्थानीय रूप से बनाए जा रहे हैं। हालांकि कंपनी को अपने भारतीय आपूर्तिकर्ताओं साथ गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ी कुछ समस्याएं आई हैं। 2022 में एपल ने भारतीय परिचालन के तहत केवल कुछ मॉडल के निर्माण की मंजूरी दी है। उदाहरण के लिए, एपल ने तय किया है कि भारतीय आपूर्तिकर्ता काले और स्टारलाइट रंग के आईफोन एसई मॉडल बना सकते हैं, लेकिन लाल नहीं।
12# क्या भारत में ही कलपुर्जों का भी निर्माण करेगा एपल?
एपल भारत में कलपुर्जों और उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला बनाने पर विचार कर रहा है। एपल की ओर से आईफोन चार्जर, केबल और बॉक्स बनाने के लिए सालकॉम्प मैन्युफैक्चरिंग इंडिया जैसे आपूर्तिकर्ताओं के साथ मौजूदा कारोबार को और बढ़ाने की उम्मीद है। एपल मेटल (धातु), प्लास्टिक पार्ट्स, कवर ग्लास और स्क्रू का भी भारत में ही उत्पादन करने पर विचार कर रहा है। एपल के मुखिया टीम कुक का वर्तमान भारत दौरा कंपनी के इसी इंडिया प्लान को धरातल पर उतारने दिशा में उठाया गया एक कदम है।