नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ विलय होने जा रहा है। केंद्रीय कैबिनेट जल्द इसकी मंजूरी दे सकती है। इससे पहले जनवरी में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बोर्ड ने भी इसके लिए मंजूरी दे दी थी।
पूंजी डालने पर भी होगा विचार
इस संदर्भ में एक अधिकारी ने कहा कि कैबिनेट इन इंश्योरेंस कंपनियों के मर्ज के लिए बातचीत कर सकती है। साथ ही पूंजी डालने पर भी विचार किया जाएगा।
मर्जर से कंपनियों को होगा फायदा
लाइवमिंट की खबर के अनुसार, इन कंपनियों के मर्जर से परिचालन क्षमता सुधरेगी और मुनाफे में भी सुधार आएगा। पहले पश्चिम बंगाल स्टेट जनरल इंश्योरेंस कर्मचारी एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी तपन मित्रा ने कहा था कि, 'कोलकाता में इन तीनों कंपनियों के विलय को मंजूरी देने के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की बोर्ड की बैठक हुई थी। इसी बैठक में इनके विलय को मंजूरी दी गई।' उन्होंने बताया था कि सरकार की ओर से तीनों कंपनियों के विलय की घोषणा से पहले यह बैठक बुलाई गई थी।
न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी भी हो सकती है शामिल
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के बोर्ड द्वारा विलय को मंजूरी देने से पहले ही ओरिएंटल और यूनाइटेड इंडिया का बोर्ड इसे मंजूरी दे चुका था। इसके लिए इन दोनों कंपनियों के बोर्ड की बैठक हुई थी। इस विलय में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी भी शामिल हो सकती है।
अरुण जेटली ने की थी घोषणा
वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तीनों सरकारी जनरल बीमा कंपनियों के विलय के प्रस्ताव की घोषणा की थी। लेकिन इन कंपनियों का विलय कई कारणों के चलते जैसे खराब वित्तीय सेहत की वजह से नहीं हो पाया था।
सरकार ने डाली इतनी पूंजी
सरकार ने दिसंबर में 2019-20 के लिए पहली अनुदान के लिए अनुपूरक मांग में नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में 2,500 करोड़ रुपये डालने की घोषणा की थी। इसके अतिरिक्त, अगले साल इसमें 6,950 करोड़ रुपये और डाले जाएंगे।