मंदी के बीच देश में बेरोजगारी दर पिछले तीन साल के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। वहीं देश के तीन राज्यों में स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक हो गई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने इस बात का खुलासा अपनी एक रिपोर्ट में किया है।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक देश में 20 अगस्त तक बेरोजगारी दर 8.3 फीसदी हो गई, जोकि पिछले तीन सालों में अभी तक का सबसे उच्चतम स्तर है। सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक देश के तीन राज्यों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। त्रिपुरा, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में लोगों को नौकरियां ढूंढने पर भी नहीं मिल रही हैं। त्रिपुरा में बेरोजगारी दर 23.3 फीसदी रिकॉर्ड की गई है।
ऑटो के साथ ही चाय, बिस्किट, कताई जैसे उद्योग में भी लोगों की नौकरियां जा सकती हैं, जिससे बेरोजगारी और बढ़ने की संभावना है। चाय उद्योग से भी 10 लाख कर्मचारी बाहर हो सकते हैं, क्योंकि लागत के मुकाबले बिक्री मूल्य काफी कम हो गया है। बिस्किट बनाने वाली कंपनी पारले-जी ने भी कहा है कि उसके यहां से 10 हजार लोगों को निकाला जा सकता है।