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तीन साल में बढ़ी बेरोजगारी, इन राज्यों की हालत बहुत खराब

Wed, 21 Aug 2019 07:49 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स-- रोहित झा
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मंदी के बीच देश में बेरोजगारी दर पिछले तीन साल के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। वहीं देश के तीन राज्यों में स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक हो गई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने इस बात का खुलासा अपनी एक रिपोर्ट में किया है। 

20 अगस्त तक यह था स्तर

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक देश में 20 अगस्त तक बेरोजगारी दर 8.3 फीसदी हो गई, जोकि पिछले तीन सालों में अभी तक का सबसे उच्चतम स्तर है। सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक देश के तीन राज्यों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। त्रिपुरा, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में लोगों को नौकरियां ढूंढने पर भी नहीं मिल रही हैं। त्रिपुरा में बेरोजगारी दर 23.3 फीसदी रिकॉर्ड की गई है। 

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सीएमआईई के एमडी और सीईओ महेश व्यास के मुताबिक देश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। इसमें भी शहरी इलाकों में लोगों को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। ऑटो सहित कई सेक्टर में हालत बिगड़ने से भी यह असर देखने को मिल रहा है। टेक्सटाइल, चाय, एफएमसीजी, रियल एस्टेट जैसे सेक्टर में भीषण मंदी आई है। 

ऑटो इंडस्ट्री में ही कुल 3.5 लाख लोगों को नौकरी से निकाला जा चुका है। इस सेक्टर में संभावना है कि 10 लाख लोग नौकरी से निकाले जा सकते हैं। 

चाय उद्योग पर भी असर

ऑटो के साथ ही चाय, बिस्किट, कताई जैसे उद्योग में भी लोगों की नौकरियां जा सकती हैं, जिससे बेरोजगारी और बढ़ने की संभावना है। चाय उद्योग से भी 10 लाख कर्मचारी बाहर हो सकते हैं, क्योंकि लागत के मुकाबले बिक्री मूल्य काफी कम हो गया है। बिस्किट बनाने वाली कंपनी पारले-जी ने भी कहा है कि उसके यहां से 10 हजार लोगों को निकाला जा सकता है। 

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