देश में 2018-19 के दौरान रोजगार की स्थितियों में सुधार देखने को मिला है। इस दौरान बेरोजगारी दर घटकर 5.8 फीसदी पर पहुंच गई थी। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह दर 6.1 फीसदी रही थी।
सांख्यिकीय मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 के दौरान श्रम भागीदारी दर बढ़कर 37.5 फीसदी पर पहुंच गई थी।
2017-18 में इतनी थी श्रम भागीदारी दर
2017-18 के दौरान यह दर 36.9 फीसदी थी। इसके अलावा श्रमिक जनसंख्या अनुपात में भी सुधार देखने को मिला था और यह बढ़कर 35.3 पर पहुंच गया था। इसके पिछले वित्त वर्ष में यह 36.9 फीसदी रहा था। इसके अलावा तिमाही आंकड़ों के अनुसार, 2019 की जून तिमाही में बेरोजगारी दर मार्च तिमाही के 9.3 फीसदी दी से घटकर 8.9 फीसदी रह गई थी।
शहरी-ग्रामीण बेरोजगारी भी घटी...
2018-19 के दौरान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बेरोजगारी कम हुई थी। इसके अलावा, रोजगार में पुरुषों के साथ महिलाओं की भागीदारी में तेजी आई थी। इस दौरान ग्रामीण बेरोजगारी दर 5.3 फीसदी से घटकर 5 फीसदी ही रह गई। शहरी इलाकों में यह आंकड़ा 6.2 फीसदी घटकर 6 फीसदी गया था।