फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UK: भारत के साथ एफटीए वार्ता फिर शुरू, ब्रिटेन ने कहा- भारत के साथ महत्वाकांक्षी समझौते पर काम जारी

Tue, 16 Apr 2024 10:46 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

भारत के वार्ताकारों की एक टीम ने इसी सप्ताह लंदन में अपने ब्रिटिश समकक्षों के साथ बातचीत शुरू की है। व्यवसाय एवं व्यापार विभाग (डीबीटी) ने ऐसे मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने के अपने रुख को दोहराया, जो ब्रिटिश लोगों और अर्थव्यवस्था के सर्वोत्तम हित में हो। 
विज्ञापन
भारत ब्रिटेन में एफटीए के लिए हो रही बातचीत - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्रिटेन सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह भारत के साथ 'महत्वाकांक्षी' व्यापार समझौता करने की दिशा में काम करना जारी रखेगी। भारत के वार्ताकारों की एक टीम ने इसी सप्ताह लंदन में अपने ब्रिटिश समकक्षों के साथ बातचीत शुरू की है। व्यवसाय एवं व्यापार विभाग (डीबीटी) ने ऐसे मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने के अपने रुख को दोहराया, जो ब्रिटिश लोगों और अर्थव्यवस्था के सर्वोत्तम हित में हो। पिछले महीने डीबीटी अधिकारियों ने संकेत दिया था कि भारत के चरणबद्ध आम चुनाव के दौरान औपचारिक व्यापार वार्ता रोक दी गई थी। हालांकि, चार जून को चुनाव परिणाम घोषित होने तक कुछ बातचीत जारी रहने की उम्मीद थी।
विज्ञापन


इस सप्ताह लंदन में फिर शुरू हुई बातचीत
मंगलवार को, ब्रिटेन के अधिकारियों ने कहा कि जनवरी में शुरू हुई वार्ता के '14वें दौर के तहत बातचीत जारी रखने' के लिए इस सप्ताह लंदन में चर्चा फिर से शुरू हुई। डीबीटी के प्रवक्ता ने कहा, 'ब्रिटेन और भारत एक महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते की दिशा में काम करना जारी रख रहे हैं जो दोनों देशों के लिए काम करेगा।' प्रवक्ता ने कहा, 'हालांकि, हम बातचीत के विवरण पर टिप्पणी नहीं करते हैं, लेकिन हम स्पष्ट हैं कि हम केवल उस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जो निष्पक्ष, संतुलित और अंततः ब्रिटिश लोगों और अर्थव्यवस्था के सर्वोत्तम हित में होगा।'

एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2022 में दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच अभी 38 अरब पाउंड का सालाना व्यापार होता है। एफटीए के जरिए इस व्यापार को बढ़ाने की कोशिश है। बीते महीने ब्रिटेन के बिजनेस और ट्रेड मंत्री ने कहा था कि जितना बड़ा देश होता है, उतने ही मुश्किल उसके साथ व्यापार समझौते होते हैं। साथ ही जितना देशों की अर्थव्यवस्था में अंतर होगा, उतना ही मुश्किल सहमति बनाना होता है। भारत काफी संरक्षणवादी है, जबकि हम बहुत ज्यादा उदार हैं। ब्रिटेन चाहता है कि भारत ब्रिटेन से होने वाले निर्यात पर टैरिफ की दरें कम करे। वहीं भारत, ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीयों के लिए नियमों में छूट चाहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें