Layoffs: रिपोर्ट्स के अनुसार उड़ान ने कथित तौर पर अपने परिचालन को विकेंद्रीकृत करने का फैसला किया है। रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि पहले एफएमसीजी टीम अखिल भारतीय स्तर पर काम करती थी, लेकिन अब इसका परिचालन क्लस्टरवार किया जाएगा।
बी2बी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और यूनिकॉर्न स्टार्टअप उड़ान ने अपने लगभग 150 कर्मचारियों को निकल दिया है। कंपनी ने यह छंटनी 34 करोड़ डॉलर की फंडिग हासिल करने के बाद की है। बताया जा रहा है कि कंपनी अपनी हालिया फंडिंग का इस्तेमाल सप्लाई चेन को मजबूत करने और वेंडर्स के साथ साझेदारी बेहतर करने में करेगी।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उड़ान में छंटनी का फैसला कंपनी के संचालन में बुनियादी बदलाव के कारण लिया गया है। सूत्रों के हवाले से दी गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि निकाले गए कर्मचारियों की संख्या 150 से अधिक हो सकती है। उड़ान में पुनर्गठन के हालिया कदम से कंपनी की सभी भूमिकाओं और डिविजनों के कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका है।
उड़ान ने कथित तौर पर परिचालन को विकेंद्रीकृत करने का फैसला किया है। रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि पहले एफएमसीजी टीम अखिल भारतीय स्तर पर काम करती थी, लेकिन अब इसका परिचालन क्लस्टर वार होगा। विभिन्न समूहों के लिए अलग-अलग टीमें सभी श्रेणियों का कामकाज देखेंगी।
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उड़ान ने पिछले साल नवंबर में भी 12 करोड़ डॉलर के परिवर्तनीय नोट जुटाने के बाद अपने 10 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसने 2022 में जून और नवंबर में छंटनी के दो दौर में 500 कर्मचारियों को निकाल दिया।
कंपनी 2025 में अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) का लक्ष्य लेकर चल रही है। उड़ान के सह-संस्थापक और सीईओ वैभव गुप्ता के अनुसार उनकी हालिया फंडिंग उनकी व्यावसायिक योजनाओं को सक्षम करेगी और कंपनी को अगले 12-18 महीनों में सार्वजनिक-बाजार के लिए तैयार करने के लिए अच्छी स्थिति में लाएगी। उड़ान की स्थापना 2016 में आईआईटी के तीन पूर्व छात्रों, आमोद मालवीय, सुजीत कुमार और वैभव गुप्ता ने की थी, ये सभी फ्लिपकार्ट में भी काम कर चुके हैं।