Yes Bank-DHFL Scam: न्यायमूर्ति एनजे जमादार की एकल पीठ ने रियल एस्टेट डेवलपर को जमानत दे दी और उसे एक लाख रुपये की जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया। सीबीआई का आरोप है कि भोसले ने धन की हेराफेरी के बदले यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर से रिश्वत ली थी।
बंबई उच्च न्यायालय ने यस बैंक और डीएचएफएल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में पुणे के बिल्डर अविनाश भोसले को शुक्रवार को जमानत दे दी। मई 2022 में मामले में गिरफ्तार भोसले वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं, लेकिन चिकित्सा उपचार के लिए एक अस्पताल में भर्ती हैं।
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न्यायमूर्ति एनजे जमादार की एकल पीठ ने रियल एस्टेट डेवलपर को जमानत दे दी और उसे एक लाख रुपये की जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया। सीबीआई का आरोप है कि भोसले ने धन की हेराफेरी के बदले यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर से रिश्वत ली थी।
कपूर के नेतृत्व में यस बैंक ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) को 3,983 करोड़ रुपये वितरित किए थे, जो अपराध की आय थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि इस राशि में से डीएचएफएल ने रेडियस समूह की तीन कंपनियों को 2,420 करोड़ रुपये का कर्ज दिया और उसे वितरित किया।
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सीबीआई जांच के अनुसार, भोसले ने कथित तौर पर परामर्श सेवाओं के भुगतान के रूप में डीएचएफएल से ऋण की सुविधा के लिए रेडियस समूह से 350 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। सीबीआई ने 2020 में कपूर और डीएचएफएल के प्रवर्तकों कपिल और धीरज वधावन को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने दावा किया गया था कि उन्होंने एक आपराधिक साजिश रची थी, जिसके माध्यम से यस बैंक के सह-संस्थापक और उनके परिवार के सदस्यों को पर्याप्त अनुचित लाभ के बदले उनकी हाउसिंग फाइनेंस फर्म को वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी।