फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US Tariffs: ट्रंप की नई टैरिफ नीति ने बढ़ाई एशियाई बाजारों की बेचैनी, शेयर बाजारों में गिरावट

Fri, 01 Aug 2025 02:00 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से 68 देशों और यूरोपीय संघ पर नए टैरिफ लगाने के आदेश के बाद एशियाई शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। ट्रंप के आदेश ने, जिसने पहले 1 अगस्त को तय की गई टैरिफ की समयसीमा को पीछे धकेल दिया, पहले से ही अनिश्चितता से घिरे इस प्रक्रिया में एक नई अनिश्चितता जोड़ दी है। 
विज्ञापन
टैरिफ पर ट्रंप की नीतियों ने दुनियाभर को परेशानी में डाला - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुनिया के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में से एक वॉल स्ट्रीट पर अस्थिर कारोबार करने के बाद शुक्रवार को एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 68 देशों और यूरोपीय संघ पर अगले सात दिनों में लागू होने वाले नए टैरिफ का आकलन किया है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: US Tariffs: 25 फीसदी अमेरिकी टैरिफ भारत के लिए अस्थायी झटका, नए बाजारों में कारोबार बढ़ाने का मिल सकता है मौका

एशियाई  बाजारों के शेयरों में आई गिरावट 
जापान का निक्केई 225 0.4 प्रतिशत गिरकर 40,914.66 पर आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.8 प्रतिशत गिरकर 3,154.53 पर आ गया। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक शुरुआती गिरावट में 0.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,726.38 पर आ गया, जबकि शंघाई कम्पोजिट 0.1 प्रतिशत गिरकर 3,570.21 पर आ गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 0.8 प्रतिशत गिरकर 8,676.80 पर, भारत का बीएसई सेंसेक्स 0.4 प्रतिशत गिरकर 81,185.58 पर और ताइवान का टीएआईईएक्स 0.4 प्रतिशत गिरकर 23,453.56 पर आ गया।
विज्ञापन


अमेरिका की साम्राज्यवादी व्यापार नीति
राबो बैंक के वरिष्ठ बाजार रणनीतिकार बेंजामिन पिक्टन ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय शेयर बाजार नकारात्मक संकेत दे रहे हैं, एशियाई शेयरों में गिरावट आ रही है और डीएक्सवाई सूचकांक अभी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था के लिए उच्च मूल्य-वर्धित उद्योगों को चुन रहा है। वहीं अपने व्यापारिक साझेदारों पर दबाव बना रहा है कि वे उसके निर्यात के लिए विशेष बाजार पहुंच सुनिश्चित करें और सस्ते आयात की आपूर्ति करते रहें। यह साफ तौर पर साम्राज्यवादी व्यापार नीति है। 

टैरिफ अंतर के कारण बाजार की स्थिति थोड़ी सुधरी
मिजुहो बैंक ने कहा कि स्थिति कुछ हद तक बदल गई है। एशिया खासतौर से दक्षिण-पूर्व एशिया, लिबरेशन डे के बाद अधिक प्रभावित हुआ था। अब टैरिफ अंतर के कारण बेहतर स्थिति में प्रतीत होता है, हालांकि क्षेत्रीय अंतर अभी भी कम है। 
विज्ञापन


ब्रेंट क्रूड का भाव घटकर 71.67 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा
शुक्रवार को अन्य सौदों में अमेरिकी बेंचमार्क कच्चा तेल 5 सेंट घटकर 69.21 डॉलर प्रति बैरल रह गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 3 सेंट घटकर 71.67 डॉलर प्रति बैरल रह गया। अमेरिकी डॉलर 150.67 येन से बढ़कर 150.68 जापानी येन हो गया। यूरो 1.1421 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 1.1418 अमेरिकी डॉलर हो गया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य के प्रति उत्साह के कारण बाजार में हुई बढ़त के पीछे बड़ी टेक कंपनियां नियमित रूप से प्रेरक शक्ति रही हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें