भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के नए अध्यक्ष उदय कोटक ने कहा कि समाज निर्णायक मोड़ पर है। यह समय भारतीय उद्योग जगत के लिए यह खुद को बदलने कोविड-19 संकट से पैदा अवसरों का लाभ उठाने को नए रणनीति क्षेत्रों में निवेश करने और साहसिक फैसले लेने का है, ताकि आत्मनिर्भर का निर्माण हो सके।
कोटक का कहना है कि कॉर्पोरेट प्रशासन में सुधार और दीर्घकालिक ब्याज दरें कम होने के कारण यह समय बंद पड़ी परिसंपत्तियों को चालू कर निवेश का है। आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश 1.3 फीसदी से बढ़ाकर जीडीपी का 5 से 10 फीसदी करने की जरूरत है। उन्होंने कहा आज निर्भर भारत का दूसरा भाग अहम है, जो आदमी वह प्रतिस्पर्धी बनने एवं दुनिया से जुड़ने से संबंधित है। हमें दोनों पर ध्यान देना चाहिए।
पारदर्शिता के बिना बैड बैंक अच्छा विचार नहीं
कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी ने कहा कि बढ़ते एनपीए से निपटने के लिए एक 'बैड बैंक' की स्थापना अच्छा विचार नहीं है। जब तक पारदर्शिता और वसूली दर जैसे मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाता, उम्मीद के अनुरूप परिणाम नहीं होंगे।
जीवन के बाद आजीविका बचाना जरूरी: जिंदल
उद्योगपति सज्जन जिंदल ने कहा कोविड-19 संकट से जीवन बचाने को हमने लॉकडाउन जैसे कदम उठाए आवाज जीविका बचाना भी जरूरी है। इसलिए अर्थव्यवस्था को फिर से शुरू करना जरूरी है। उन्होंने कहा लॉकडाउन के आर्थिक प्रभाव गंभीर हो सकते हैं और एक सफल अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य पाने को भारत को कारोबार फिर चालू करना होगा। हम जितनी धीमी शुरुआत करेंगे लॉकडाउन से बाहर आने वाले देशों के हाथों उतना ही खो देंगे।