एल्यूमीनियम से बने प्रेशर कुकर या दूसरे बर्तनों में पका खाना सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। 700 से अधिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी टीटीके प्रेस्टीज का कहना है कि नॉनस्टिक कुकवेयर भी कम तेल में खाना पकाने की क्षमता के कारण सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह बात अलग है कि हाल के वर्षों में लोगों में एल्यूमीनियम के बर्तनों को लेकर कुछ गलत धारणाएं पनप गईं हैं और उनमें स्टील के प्रेशर कुकर को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है। इसकी एक वजह लोगों की कमाई बढ़ना भी है।
सवाल: युवा उद्यमियों के लिए प्रेस्टीज जैसी एक लीडर कंपनी की क्या नसीहतें हैं?
जवाब: कुछ मूलमंत्र हैं उद्यमिता के। पहला...उत्पाद नहीं, बाजार में समाधान परोसो। लोगों की परेशानियां दूर करने के मकसद को सबसे आगे रखो। दूसरा...तकनीक के बदलाव के साथ सीखो और खुद को बदलो। नई तकनीक को गले लगाओ। तीसरा...उपभोक्ता के लिए हमेशा सहानुभूति रखो।
वे जिस प्लेटफॉर्म पर चाहें, वहीं अपना माल पहुंचाओ। ऑनलाइन, ऑफलाइन कुछ भी, उसकी पसंद की जगह पर जाओ। चौथा...वेल्यूशन बनाने की बजाय वेल्यू क्रिएशन पर फोकस करो। आखिरी...खर्च को नियंत्रित रखो। न्यूनतम लागत वाला टिकाऊ बिजनेस मॉडल अपनाओ। बाजार में लंबा टिकने की रणनीति पर फोकस करो। दिखावे से बचो।
सवाल: एल्यूमीनियम-स्टील का कुकर की बिक्री में कितना हिस्सा है?
जवाब: स्टील की तरफ रुझान के कारण आज हमारे 40 फीसदी प्रेशर कुकर स्टील के बन रहे हैं। मसलन, उत्तर प्रदेश की बात करें तो चार-पांच वर्ष पहले वहां बिकने वाले हमारे 90 फीसदी प्रेशर कुकर एल्यूमीनियम के होते थे। केवल 10 फीसदी स्टील के थे। आज वहां 50 फीसदी प्रेशर कुकर स्टील के बिक रहे हैं।
सवाल: प्रेस्टीज सिर्फ कुकर नहीं बनाती। अपनी पूरी प्रोडक्ट रेंज के बारे में बताएं।
जवाब: आपने सही कहा। भारत में कुकर की जनक कंपनी होने के बावजूद आज हमारे कुल बिक्री कारोबार का एक तिहाई ही कुकर श्रेणी से आता है। दो-तिहाई बिक्री कारोबार दूसरे उत्पादों जैसे मिक्सर ग्राइंडर, गैस स्टोव, नॉनस्टिक कुकवेयर, इंडक्शन कुकवेयर आदि से आता है। मिक्सर ग्राइंडर के हमारे 75 मॉडल बाजार में हैं। यूं समझिए, रसोई में इस्तेमाल होने वाले लगभग सभी अप्लायंसेज हम बनाते हैं। हमारा मूलमंत्र बड़ा आसान है। उपभोक्ता को उत्पाद नहीं, समाधान दो। उसकी रोजमर्रा लाइफ की परेशानियां हल करो। प्रेस्टीज के 700 से अधिक प्रोडक्ट बाजार में हैं। हमारे 900 रुपये के किफायती मॉडल से लेकर 4,000 रुपये तक के सुपर प्रीमियम कुकर तक मौजूद हैं।
सवाल: इसके लिए आपका रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग कितना सक्रिय रहता है?
जवाब: टीटीके प्रेस्टीज हर साल कोई 100 नए प्रोडक्ट मार्केट में उतारता है। यह हमारे बहुत ही गहन आरएंडडी प्रयासों से ही संभव है। हमारे लगभग सारे नए उत्पाद हमारी अपनी घरेलू रिसर्च टीम विकसित करती है। मैं आपको याद दिला दूं कि 70 के दशक में प्रेस्टीज ने ही स्वदेशी तौर पर कुकर का गास्केट रिलीज सिस्टम ईजाद किया था। हमारा व्यापार दर्शन कहता है कि हमारे प्रतिद्वंद्वी भी बाजार को विकसित करने में योगदान देते हैं। हमें एक स्तर पर उन्हें भी सहयोग करना चाहिए। वास्तव में इनोवेशन का हमारा लंबा इतिहास है। देश में सबसे पहले कंडोम बनाना टीटीके ग्रुप ने आरंभ किया। टीटीके हेल्थकेयर हार्ट वॉल्व बनाने वाली देश की अकेली कंपनी है। 1928 में स्थापित टीटीके समूह देश का पहला ऑर्गेनाइज्ड वितरक था, जिसने उस जमाने में ओवलटीन, हॉर्लिक्स, वुडवर्ड्स ग्राइपवाटर, पार्कर पेन, पौंड्स जैसे ब्रांड पहली बार पेश किए थे। नक्शा यानी मैप बनाने वाली देश की पहली कंपनी भी टीटीके ग्रुप की थी। 1968 में हमने कुकर का उत्पादन शुरू किया। हालांकि, ब्रिटेन की जनक कंपनी प्रेस्टीज यूके से कुकर का आयात हम पहले ही कर रहे थे। आज हम केवल भारत में प्रेस्टीज ब्रांड का इस्तेमाल कर सकते हैं। जल्द ही हम देश में पहली बार छह तह वाला यानी सिक्स लेअर कोटिंग वाला नॉनस्टिक कुकवेयर पेश करने जा रहे हैं। हर प्रोडक्ट के लिए हमारी रिसर्च टीम के चार मकसद होते हैं...उपभोक्ता की सेहत, उसकी सुविधा, समय की बचत और उत्पाद के डिजाइन की खूबसूरती।