थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आधिकारिक आंकड़े मंगलवार को जारी किए गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2019 में 2.59 फीसदी पर आ गई है। इससे पिछले महीने नवंबर में यह 0.58 फीसदी थी।
दिसंबर में खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई दर 13.24 फीसदी रही। नवंबर में यह 11 फीसदी थी। प्याज की महंगाई दर 455.8 फीसदी रही, जो नवंबर में 172.3 फीसदी थी। दालों की बात करें, तो यह 13.11 फीसदी रही, जो नवंबर में ज्याद यानी 16.59 फीसदी थी। गैर-खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई दर 1.93 फीसदी से बढ़कर 7.72 फीसदी पर आ गई। वहीं मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की बात करें, तो इसकी थोक महंगाई दर -0.25 फीसदी है।
वहीं, दिसंबर माह में प्याज, टमाटर सहित खाद्य तेलों की महंगाई ने खुदरा महंगाई दर के पिछले चार सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 7.35 फीसदी रही थी। यह भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमान (दो से छह फीसदी) से भी ज्यादा पहुंच गई। हालांकि कोर महंगाई दर अभी 3.7 फीसदी है, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ी से ज्यादा है। इससे पहले जुलाई 2016 में यह सर्वाधिक रही थी।
2019 अक्तूबर में जहां खुदरा महंगाई दर 4.62 फीसदी रही थी, वहीं नवंबर में यह बढ़कर 5.54 फीसदी पर पहुंच गई थी। पिछले दो माह में प्याज की कीमतें भी 50 रुपये से बढ़कर 160 रुपये तक पहुंच गई थी। हालांकि अब प्याज की कीमतों में काफी कमी हो गई है।