आईसीआईसीआई बैंक ने अपनी पूर्व सीएमडी चंदा कोचर से बर्खास्तगी के बाद 340 करोड़ रुपये से अधिक रकम वसूलने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। बैंक ने अपनी याचिका में मांग की है कि कोचर की याचिका को खारिज करते हुए बोनस सहित अन्य भत्तों को वापस लेने की मंजूरी दी जाए।
चंदा कोचर ने बैंक द्वारा की गई बर्खास्तगी को अनुचित बताते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। चंदा कोचर का कहना था कि बैंक ने उन्हें फरवरी 2019 में टर्मिनेशन का लेटर थमा दिया, जबकि अक्टूबर 2018 में ही उनके जल्द रिटायरमेंट होने की अर्जी स्वीकार कर ली गई थी। कोचर ने 20 नवंबर को याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट में जस्टिस आर वी मोरे और एस पी तावड़े की खंडपीठ ने कोचर के वकील सुजॉय कांतावाला से बैंक द्वारा दाखिल शपथ पत्र को पढ़ने के लिए कहते हुए आगामी 20 जनवरी तक सुनवाई को टाल दिया है।
बैंक की विभिन्न वार्षिक रिपोर्टों के मुताबिक, कोचर को 94 लाख शेयर कर्मचारी शेयर विकल्प योजना के तहत दिए गए, हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है उन्होंने इनमें से कितने का इस्तेमाल किया। अगर कोचर को कर्मचारी शेयर स्वामित्व योजना (ईएसओपी) के तहत दिए गए कुल शेयरों की बात की जा देखा तो वर्तमान बाजार मूल्य पर इनका कुल मूल्य करीब 340 करोड़ रुपये बैठता है। हालांकि, यह राशि काफी कम भी हो सकती है क्योंकि पिछले नौ साल के दौरान हो सकता है उन्होंने कुछ शेयर बेच दिए हों।