लागत में कटौती का हवाला देते हुए दुनियाभर की टेक कंपनियों ने इस साल 23,154 कर्मचारियों को निकाल दिया है। बड़े पैमाने पर नौकरी छिनने का एक कारण लागत में बड़े स्तर पर कटौती है तो दूसरी तरफ एआई को तेजी से अपनाने के कारण भी कंपनियां छंटनी कर रहीं हैं। साल 2022 से 2024 के बीच 5,81,961 लोगों की नौकरियां गई हैं। 2023 में सर्वाधिक 2,64,220 कर्मचारियों की छंटनी हुई है।
दुनियाभर की टेक कंपनियों में छंटनी का दौर जारी है। इन कंपनियों ने इस साल अब तक 23,154 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। इसकी प्रमुख वजह...कमाई घटना, लागत में बड़े स्तर पर कटौती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को तेजी से अपनाना है। दुनियाभर में होने वाली छंटनी पर नजर रखने वाली कंपनी लेऑफ्स डॉट एफवाईआई के मुताबिक, इस साल छंटनी की शुरुआत 6 जनवरी से हुई, जब इस्राइल की कंपनी सोलरएज ने 400 कर्मचारियों को निकाल दिया। ओला इलेक्ट्रिक ने भारत में 1,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया। मेटा ने इस साल अब तक सबसे ज्यादा 3,600 लोगों को नौकरी से निकाला है।
एआई से बेहतर प्रदर्शन का दबाव
एआई को अपनाने के कारण कर्मचारियों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कर्मचारियों को भेजे इंटरनल नोट में कहा, वे प्रदर्शन प्रबंधन के स्तर को बढ़ाना चाहते हैं। कम प्रदर्शन करने वालों को तेजी से बाहर निकाला जाएगा और उनके स्थान पर नए कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। वहीं, हैवलेट पैकर्ड इंटरप्राइज (एचपीई) ने कहा, लागत घटाने की योजना के तहत यह छंटनी की जा रही है। इससे कंपनी को 35 करोड़ डॉलर की बचत होगी।
2,000 लोगों को नौकरी से निकालेगी मॉर्गन स्टेलनी
मॉर्गन स्टेनली इस महीने के अंत में करीब 2,000 नौकरियों में कटौती कर सकती है। यह कंपनी के सीईओ टेड पिक के नेतृत्व में छंटनी का पहला दौर होगा। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, लागत घटाने के साथ कंपनी एआई व ऑटोमेशन पर ध्यान दे रही है। हालांकि, इससे 15,000 वित्तीय सलाहकारों की नौकरी पर असर नहीं होगा।
अमेजन ने भी इस साल की शुरुआत में 14,000 प्रबंधकों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है। इससे कंपनी को हर साल 2.1 अरब डॉलर से 3.6 अरब डॉलर की बचत होगी।