इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) ने बताया, चीनी निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर जा सकता है। भारतीय मिलों ने पहले ही 2021-22 के लिए 72 लाख टन चीनी आपूर्ति का करार किया है।
गर्मी के सीजन में कोल्ड ड्रिक और आइसक्रीम की मांग बढ़ने से चीनी की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। 2021-22 के मार्केटिंग सीजन (सितंबर तक) में एक साल पहले की तुलना में चीनी की खपत 3 फीसदी बढ़कर 2.72 करोड़ टन रह सकती है।
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इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) ने बताया, चीनी निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर जा सकता है। भारतीय मिलों ने पहले ही 2021-22 के लिए 72 लाख टन चीनी आपूर्ति का करार किया है। हालांकि, देश में चीनी की ज्यादा कीमतों से कंपनियां निर्यात को कम भी कर सकती हैं।
गरमी के मौसम में बढ़ेगी खपत: नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव सुगर फैक्टरीज के एमडी प्रकाश नाइकनवरे ने बताया कि शादियों पर प्रतिबंध हटने से कोल्ड ड्रिंक-आइसक्रीम की खपत बढ़ेगी। इससे मार्च से जून के बीच चीनी की मांग में तेजी होगी।