SpiceJet: स्पाइसजेट की ओर से गो एयर की अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल होने की पिछले हफ्ते की खबरों का उल्लेख करते हुए अदालत ने सवाल किया कि इतना कुशन उपलब्ध होने के बावजूद, भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को किफायती विमानन कंपनी स्पाइसजेट को क्रेडिट सुइस मामले में 15 मार्च तक सभी बकाया राशि का भुगतान करने को कहा है। अदालत ने कहा, "देरी से भुगतान की कोई गुंजाइश नहीं है। प्रतिवादी का ऐसा कहना उचित नहीं है।" सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जो डेटलाइन दी गई थी उसे देखते हुए स्पष्ट है कि प्रतिवादी डिफॉल्ट है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पाइसजेट लिमिटेड को 15 मार्च से पहले क्रेडिट सुइस एजी को 1.25 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का निर्देश दिया, ताकि सुनवाई की अगली तारीख से पहले बकाया का भुगतान सुनिश्चित हो सके। क्रेडिट सुइस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ को बताया कि 15 फरवरी तक बजट वाहक 12.5 लाख डॉलर का डिफॉल्ट कर चुका था। शीर्ष अदालत ने स्पाइसजेट से कहा, "हम आपको एक लंबी रस्सी दे रहे हैं, इस मामले में कोई जोखिम न लें।"
स्पाइसजेट ने 12.5 लाख डॉलर के एरियर को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि बकाया राशि का भुगतान देर से ही किया गया है। पीठ ने कहा, ''इस मामले में किसी भी तरह के विलंबित भुगतान की गुंजाइश नहीं है। इसलिए क्रेडिट सुइस का यह कहना न्यायोचित है कि राशि का भुगतान नहीं किया गया है।"
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स्पाइसजेट की ओर से गो एयर की अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल होने की पिछले हफ्ते की खबरों का उल्लेख करते हुए अदालत ने सवाल किया कि इतना कुशन उपलब्ध होने के बावजूद, भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा। पीठ ने स्पाइसजेट के अध्यक्ष अजय सिंह को निर्देश दिया कि वह मार्च के तीसरे सप्ताह में सुनवाई की अगली तारीख पर अदालत के समक्ष उपस्थित हों।