चांदी की कीमतें घटकर करीब दो साल के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। यह सफेद धातु में निवेश करने का अच्छा अवसर है। आईआईएफएल सिक्योरिटीज के अनुज गुप्ता का कहना है कि फिलहाल सोना और चांदी दोनों के लिए माहौल अच्छा है।
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो अब भी उच्च स्तर पर
केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया ने बताया, सोने और चांदी में निवेश करते समय गोल्ड-सिल्वर रेश्यो पर भी ध्यान देना चाहिए। महामारी के दौरान 2020 में यह रेश्यो बढ़कर 124 के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। फिलहाल यह 93-94 के आसपास है। उन्होंने कहा कि 15-20 साल में यह रेश्यो कभी भी 70 के ऊपर नहीं टिका है।
अगर यह मौजूदा स्तर 93-94 से गिरकर 70 पर भी आता है तो निवेशकों को मुनाफा देगा। गोल्ड-सिल्वर रेश्यो के ज्यादा होने का मतलब सोने में कीमतों में तेजी और चांदी में गिरावट है। यर रेश्यो जैसे-जैसे घटता है, चांदी में तेजी आती जाती है।
दोहरी भूमिका में ज्यादा आकर्षक : चांदी एक ऐसी कमोडिटी है, जो कीमती धातु के साथ औद्योगिक धातु के रूप में दोहरी भूमिका निभाती है। वैश्विक बाजार में तरलता सुनिश्चित करने को लेकर इसकी अहमियत रहती है। इसके अलावा, कई उद्योगों में इस्तेमाल की वजह से भी फंड मैनेजर चांदी में निवेश की सलाह देते हैं।
नई निवेश मांग दिलाएगी मुनाफा
महंगाई पर काबू पाने के लिए विकसित अर्थव्यवस्थाएं सख्त रुख अपना रही हैं। सख्ती जारी रही तो 6-9 महीने में मंदी आ सकती है। अगर ऐसे हालात बनते हैं तो बहुमूल्य धातुओं की नई निवेश मांग बढ़ेगी, जिससे दाम बढ़ेंगे।