केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) संकट के मद्देनजर मंगलवार को 400 भारतीय स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों से मिले। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सरकार उन्हें एसवीबी से उत्पन्न आर्थिक संकट से बचाने के तरीकों पर काम कर रही है।
बातचीत के दौरान चंद्रशेखर ने यह भी आश्वस्त किया कि पिछले कुछ दिनों में सामने आई चुनौतियों से निपटने और स्टार्टअप्स की मदद करने पर सरकार ध्यान केंद्रित कर रही है।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा की है और हम यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि हर स्टार्टअप इस मौजूदा संकट से निपटने में सक्षम हो सके। उन्होंने कहा, "भारतीय बैंकिंग प्रणाली भरोसेमंद और मजबूत है और स्टार्टअप्स को इसका इस्तेमाल शुरू करना चाहिए।"
चंद्रशेखर ने स्टार्ट-अप उद्यमियों और अन्य लोगों के साथ भारतीय बैंकों को नए उत्पादों की पेशकश के माध्यम से स्टार्ट-अप्स को सक्रिय रूप से जोड़ने और उन्हें मदद पहुंचाने पर भी चर्चा की।
बता दें कि एसवीबी की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं अमेरिकी वित्त विभाग, फेडरल रिजर्व और फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एफडीआईसी) सहित अमेरिकी नियामकों ने संकटग्रस्त एसवीबी के जमाकर्ताओं को 13 मार्च से "उनके सभी पैसे तक पहुंच" उपलब्ध कराकर उन्हें बड़ी राहत दी है।
उधर, फेडरल रिजर्व ने यह भी उल्लेख किया है कि यह जमाकर्ताओं की जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए पात्र डिपॉजिटरी संस्थानों को "अतिरिक्त धन" मुहैया कराएगा।